by-Ravindra Sikarwar
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को शाम करीब 6:52 बजे एक भयानक विस्फोट ने पूरे देश को हिला दिया। लाल किले मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास एक धीमी गति से चल रही कार में हुए इस हाई-इंटेंसिटी धमाके से कम से कम 9 लोग मारे गए, जबकि 20 से अधिक घायल हो गए। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के 22 वाहनों को नुकसान पहुंचा, तीन ऑटो-रिक्शा और कई कारें आग की लपटों में घिर गईं, जिससे पुरानी दिल्ली के चहल-पहल भरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दिल्ली पुलिस ने इस घटना को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 16 और 18, विस्फोटक अधिनियम तथा बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, जो आतंकवाद से जुड़े मामलों की ओर इशारा करता है। इस घटना के बाद मुंबई और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है, जहां सुरक्षा बलों ने संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ा दी है।
विस्फोट की पूरी जानकारी: कैसे हुई यह घटना?
दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास स्थित लाल किला मेट्रो स्टेशन एक व्यस्त क्षेत्र है, जहां रोजाना हजारों पर्यटक और यात्री आते-जाते हैं। यह इलाका पुरानी दिल्ली के बाजारों और धार्मिक स्थलों से जुड़ा हुआ है, जो हमलों के लिए संवेदनशील माना जाता है। पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के अनुसार, धमाका एक हरे सिग्नल पर रुकी धीमी गति वाली कार में हुआ, जिसमें तीन लोग सवार थे। कार का नंबर हरियाणा का था, और इसका मालिक हिरासत में ले लिया गया है। विस्फोट के बाद आग तेजी से फैली, और आसपास की सड़कें शीशे के टुकड़ों तथा क्षतिग्रस्त वाहनों से पट गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि कई ब्लॉक दूर सुनाई दी, और आसमान में एक विशाल आग का गोला दिखाई दिया।
घटना की सूचना मिलते ही 20 से अधिक फायर इंजन मौके पर पहुंचे, और आग को करीब 7:29 बजे तक बुझा लिया गया। घायलों को तुरंत लोक नायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल (एलएनजेपी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 9 मौतों की पुष्टि की। जांच में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी), नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए), फॉरेंसिक टीम और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल सक्रिय हैं। अभी तक विस्फोट का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन आतंकी साजिश के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट से ठीक पहले फरीदाबाद में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी, और चार डॉक्टरों समेत कई गिरफ्तारियां हुईं, हालांकि अभी दोनों घटनाओं के बीच कोई सीधा लिंक साबित नहीं हुआ है।
सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर (लेबनान के दाहियेह में 27 सितंबर 2024 के हवाई हमले की) वायरल हो रही थी, जिसे प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने फेक करार दिया। मेट्रो स्टेशन को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया, जबकि अन्य स्टेशन सामान्य रूप से चालू रहे। लाल किले को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।
मुंबई में हाई अलर्ट: रेलवे स्टेशन और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर नजर
दिल्ली धमाके के बाद देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में तत्काल हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। मुंबई पुलिस ने सभी थानों को निर्देश जारी किए हैं कि वे संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ाएं, संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी लें, नाकाबंदी करें और खुफिया जानकारी जुटाएं। खास तौर पर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), लोकमान्य तिलक टर्मिनस (एलटीटी) जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, मॉल, बाजारों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रैंडम फ्रिस्किंग और वाहन जांच को तेज किया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके। मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति देखने पर तुरंत सूचना दें।
यह अलर्ट महाराष्ट्र के अन्य जिलों में भी लागू है, जहां सीआईएसएफ द्वारा सुरक्षित प्रतिष्ठानों जैसे सरकारी भवनों और परिवहन केंद्रों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। मुंबई, जो हमेशा आतंकी गतिविधियों के निशाने पर रही है, में यह कदम सतर्कता का प्रतीक है।
उत्तर प्रदेश में सतर्कता: धार्मिक स्थल और सीमाओं पर विशेष ध्यान
उत्तर प्रदेश, जो दिल्ली से सटा हुआ राज्य है, में भी पूर्ण हाई अलर्ट जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में गहन जांच और गश्त बढ़ाई जाए। विशेष रूप से ताजमहल, वाराणसी के घाट, अयोध्या के राम मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों, सीमावर्ती जिलों और भीड़भाड़ वाले बाजारों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
उत्तर प्रदेश एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने कहा कि डीजीपी ने वरिष्ठ अधिकारियों को संवेदनशील धार्मिक स्थलों, जिलों और सीमाओं पर सुरक्षा मजबूत करने के आदेश दिए हैं। इंडो-नेपाल सीमा पर बीएसएफ के अलावा स्थानीय पुलिस को अलर्ट किया गया है, और नोएडा सेक्टर-18 जैसे बाजारों में पुलिस गश्त कर रही है। राज्य के सभी थानों को संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर नजर रखने का निर्देश है।
केंद्र सरकार और अन्य राज्यों की प्रतिक्रिया:
घटना के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह ने ब्लास्ट साइट का दौरा किया, घायलों से अस्पताल में मुलाकात की और उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। उन्होंने कहा, “सभी पहलुओं की जांच खुली है।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया, मृतकों के परिवारों को सांत्वना दी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने अमित शाह और अन्य अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे “दर्दनाक और विचलित करने वाला” बताया।
इसके अलावा, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, बिहार, केरल, चंडीगढ़, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी अलर्ट जारी किया गया है। हरियाणा में डीजीपी ओपी सिंह ने नागरिकों से शांत रहने और संदिग्ध चीजें रिपोर्ट करने को कहा। राजस्थान में डीजीपी राजीव शर्मा ने भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए। अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को दिल्ली के आसपास भीड़ से दूर रहने की सलाह दी।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी शोक व्यक्त किया। श्रीनगर और जम्मू में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जांच जारी, सतर्कता बरतें:
यह विस्फोट दिल्ली के इतिहास में हाल के वर्षों का सबसे बड़ा हादसा है, जो सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। एनआईए को केस लेने की संभावना है, और फॉरेंसिक जांच से सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल, चांदनी चौक जैसे बाजारों में दुकानें बंद हैं, और व्यापारियों में डर का माहौल है। केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर स्थिति पर नजर रख रही हैं, लेकिन नागरिकों से अपील है कि वे सतर्क रहें और असामान्य गतिविधियों की सूचना दें। यह घटना न केवल दिल्ली, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर जोर देती है।
