By: Ravindra Sikarwar
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में एक भयावह सड़क दुर्घटना ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। बेंगलुरु से गोकार्ण जा रही एक निजी स्लीपर बस की कंटेनर लॉरी से टक्कर के बाद बस में भीषण आग लग गई, जिसमें कई यात्री जिंदा जल गए। यह हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर हिरियूर तालुक के पास हुआ, जहां लॉरी के डिवाइडर पार करने से टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस तुरंत आग का गोला बन गई।

हादसे का विवरण और कारण
यह दुर्घटना गुरुवार तड़के करीब 2-3 बजे के आसपास हुई। बस में लगभग 30-32 यात्री सवार थे, जिनमें ज्यादातर गोकार्ण, कुमटा और शिवमोग्गा के रहने वाले थे। रात का समय होने से अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिरियूर से बेंगलुरु की ओर जा रही कंटेनर लॉरी अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर गई और सामने से आ रही बस से टकरा गई। टक्कर के बाद बस के डीजल टैंक को नुकसान पहुंचा, जिससे ईंधन बहने लगा और आग भड़क उठी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में लॉरी चालक की लापरवाही या नींद आने को मुख्य कारण बताया जा रहा है। लॉरी चालक की भी मौके पर मौत हो गई। आग इतनी तेज थी कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। बस चालक, कंडक्टर और कुछ यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन ज्यादातर अंदर ही फंस गए।

मृतकों की संख्या और पहचान प्रक्रिया
विभिन्न रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 9 से 11 के बीच बताई जा रही है, जबकि कुछ में 17 तक का अनुमान है। कई यात्री बुरी तरह झुलस गए, जिन्हें हिरियूर और चित्रदुर्ग के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायलों को बेंगलुरु रेफर किया गया है। चूंकि ज्यादातर शव बुरी तरह जल चुके हैं, इसलिए पहचान DNA टेस्ट के जरिए की जाएगी। यात्रियों ने अधिकांश टिकट ऑनलाइन बुक किए थे, जिससे उनके संपर्क नंबर उपलब्ध हैं और परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
बचाव कार्य और सरकारी प्रतिक्रिया
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग बुझाने में काफी समय लगा। चित्रदुर्ग पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और जांच की निगरानी की। मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया और मृतकों के परिजनों को सहायता की घोषणा की। हादसे से हाइवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में हटाया गया।

सड़क सुरक्षा पर उठते सवाल
यह हादसा सड़क सुरक्षा के मुद्दों को फिर से उजागर करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रात में तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और ड्राइवरों की थकान प्रमुख कारण हैं। पिछले दो महीनों में देश में कई बस आग दुर्घटनाएं हुई हैं, जैसे राजस्थान और आंध्र प्रदेश में जहां दर्जनों यात्री जिंदा जल गए। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सीट बेल्ट का उपयोग करें और इमरजेंसी एग्जिट का ध्यान रखें। सरकार को सख्त नियम लागू करने और हाइवे पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
यह घटना क्रिसमस के मौके पर हुई, जब कई यात्री घर लौट रहे थे, जिससे दुख और भी गहरा हो गया है। जांच पूरी होने पर सटीक कारण सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल परिजनों का दर्द असहनीय है। सड़क हादसों से बचाव के लिए जागरूकता और सख्ती दोनों जरूरी हैं।
