by-Ravindra Sikarwar
ग्वालियर: ग्वालियर हाईकोर्ट ने भिंड हाईवे को 6 लेन में अपग्रेड करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य और केंद्र सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने दोनों सरकारों को 4 सप्ताह का समय दिया है।
क्यों उठी 6 लेन हाईवे की मांग?
यह याचिका मार्च 2025 में भिंड जिले के ब्राह्मण समाज अध्यक्ष सतीश जोशी ने दाखिल की थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आर.के. जोशी ने दलील दी कि ग्वालियर-भिंड के बीच वर्ष 2012 में तैयार यह हाईवे अब ट्रैफिक दबाव झेलने में सक्षम नहीं है।
- प्रतिदिन 16,000 से अधिक वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं।
- अत्यधिक दबाव के चलते सड़क पर अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं।
- कई बार लोगों की जान भी जा चुकी है।
इन्हीं कारणों से याचिका में 108 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को 6 लेन का दर्जा देने की मांग की गई है।
जनता और संतों का समर्थन:
भिंड क्षेत्र के साधु-संत और स्थानीय नागरिक भी लंबे समय से इस मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क चौड़ी होने से यात्रियों की सुरक्षा और यातायात सुगमता दोनों सुनिश्चित होंगी।
कोर्ट की कार्यवाही:
- याचिका में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को भी पक्षकार बनाया गया।
- कोर्ट ने पहले ही नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
- अब हाईकोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार दोनों से हाईवे परियोजना की स्वीकृति और मौजूदा स्थिति पर विस्तृत जानकारी देने को कहा है।
आने वाले हफ्तों में सरकार का जवाब यह तय करेगा कि भिंड हाईवे को 6 लेन बनाने का रास्ता साफ होगा या मामला और लंबा खिंचेगा।
