रिपोर्टर: रूपेश कुमार दास
Hazaribagh Coaching Centers Safety Issues : झारखंड के हजारीबाग शहर में चल रहे कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिला उपायुक्त (DC) द्वारा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले सेंटर्स पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद भी, जमीन पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन की इस सुस्ती ने कोचिंग संचालकों की मनमानी और छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
Hazaribagh Coaching Centers Safety Issues नियमों की अनदेखी: न फायर एनओसी, न आपातकालीन निकास
हजारीबाग के ज्यादातर कोचिंग सेंटर्स बिना फायर सेफ्टी लाइसेंस (NOC) के धड़ल्ले से चल रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि कई संस्थानों में आग बुझाने वाले बुनियादी उपकरण (फायर एक्स्टिंग्विशर) तक मौजूद नहीं हैं। सबसे बड़ा खतरा इन सेंटर्स की बनावट को लेकर है; कई कोचिंग क्लासेस तीन-तीन मंजिला इमारतों में चल रही हैं, जहाँ ऊपर जाने और नीचे आने के लिए महज एक संकरी लोहे की सीढ़ी ही एकमात्र रास्ता है। किसी भी आपात स्थिति या भगदड़ की सूरत में यहाँ बड़ा हादसा होने का खतरा हर वक्त मंडराता रहता है।
Hazaribagh Coaching Centers Safety Issues कोचिंग एसोसिएशन की चेतावनी: ‘सुरक्षा से समझौता नहीं’
बढ़ते विवाद और चिंताओं के बीच कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एसोसिएशन शहर के सभी कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों की निगरानी कर रहा है। जिन सेंटर्स में सुरक्षा मानक पूरे नहीं हैं, उन पर गाइडलाइंस का पालन करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। अध्यक्ष के मुताबिक, छात्रों की जिंदगी सबसे ऊपर है और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों को जल्द से जल्द अपनी व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी।
Hazaribagh Coaching Centers Safety Issues‘जब तक बच्चा घर न लौटे, डर लगा रहता है’ — अभिभावकों का फूटा गुस्सा
कोचिंग सेंटर्स की इस बदइंतजामी से अभिभावकों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। स्थानीय अभिभावक मनोज गुप्ता ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा, “आज के माहौल में जब तक बच्चा कोचिंग से सुरक्षित घर वापस नहीं आ जाता, तब तक दिल धड़कता रहता है।” शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कागजी दावों से इतर, तुरंत एक व्यापक जांच अभियान चलाया जाए और छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले कोचिंग संस्थानों को सील किया जाए।

