By: Yogendra Singh
Hazaribagh : झारखंड के नगर निकाय चुनावों में वार्ड 36 से प्रत्याशी विजय ने निर्विरोध जीत हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस वार्ड में किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन नहीं कराया, जिससे विजय सीधे निर्वाचित घोषित हुए। उनकी यह जीत क्षेत्र की राजनीतिक विरासत और जनता के प्रति भरोसे को दर्शाती है।
नामांकन में अकेले थे विजय
Hazaribagh वार्ड 36 में इस बार चुनावी मैदान की हलचल कम ही रही। नामांकन की अंतिम तिथि तक कोई अन्य प्रत्याशी सामने नहीं आया, जिससे निर्वाचन अधिकारी ने विजय को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। चुनावी शोर-शराबे और प्रचार की आवश्यकता नहीं रही, क्योंकि कोई मुकाबला ही नहीं था। यह इस वार्ड में निकाय चुनावों का पहला ऐसा उदाहरण है, जहाँ कोई उम्मीदवार बिना चुनावी प्रक्रिया के सीधे निर्वाचित हुआ।
राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया
Hazaribagh विजय की जीत केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि उनके परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का प्रतीक भी है। वार्ड 36 में उनके परिवार का वर्षों से प्रभाव रहा है। इससे पहले उनकी माता इस क्षेत्र की पार्षद रह चुकी हैं और जनता की सेवा कर चुकी हैं। इस बार सीट सामान्य श्रेणी (General Category) के लिए आरक्षित होने के बाद विजय ने चुनाव में भाग लिया और जनता के भरोसे को पुनः जीत में बदला।
समर्थकों में खुशी और उत्साह
Hazaribagh निर्विरोध जीत की घोषणा के साथ ही वार्ड 36 और आसपास के क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया। विजय के समर्थक इसे विकास की निरंतरता और क्षेत्र की भलाई का प्रतीक मान रहे हैं। जबकि अन्य वार्डों में उम्मीदवार प्रचार और पसीना बहा रहे हैं, विजय ने निर्विरोध जीत के साथ अपनी जिम्मेदारी संभाल ली है। क्षेत्रवासियों की अपेक्षाएँ अब इस जीत के साथ बढ़ गई हैं और सभी की निगाहें उनकी आगामी योजनाओं पर टिकी हैं।
विजय की यह जीत स्थानीय राजनीति में एक प्रेरक उदाहरण मानी जा रही है, जो दिखाती है कि जनता के भरोसे और पारिवारिक सेवा की प्रतिष्ठा का कितना महत्व है।
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