By: Ravindra Sikarwar
हम साल के अंतिम दिन पर खड़े हैं और 2025 अब विदा लेने को तैयार है। मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर में इस साल कई ऐसी घटनाएं घटीं, जो न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे प्रदेश और देश में चर्चा का विषय बनीं। इनमें सामाजिक तनाव, अपराध की दिल दहला देने वाली वारदातें और पुलिस की साहसिक भूमिका शामिल रही। आइए, नजर डालते हैं इस साल ग्वालियर की कुछ सबसे बड़ी और चर्चित खबरों पर, जो शहर की सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिति को उजागर करती हैं।
सीएसपी हीना खान का ‘जय श्री राम’ नारा: धार्मिक विवाद में पुलिस अधिकारी की बहादुरी
2025 के अक्टूबर महीने में ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। इस मुद्दे ने शहर में दो गुटों के बीच तनाव पैदा कर दिया। एक पक्ष प्रतिमा के समर्थन में था, जबकि दूसरा इसका विरोध कर रहा था। इसी क्रम में 14-15 अक्टूबर को फूलबाग क्षेत्र में रामचरितमानस पाठ और सुंदरकांड आयोजन को लेकर टकराव हुआ।
हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा और उनके समर्थक सड़क पर टेंट लगाकर कार्यक्रम आयोजित करना चाहते थे, लेकिन धारा 144 लागू होने के कारण प्रशासन ने रोक लगा दी। जब सीएसपी हीना खान ने आयोजन रोकने का प्रयास किया, तो कुछ लोगों ने उन्हें ‘सनातन विरोधी’ करार दे दिया और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।
इस स्थिति में सीएसपी हीना खान ने संयम नहीं खोया। उन्होंने खुद जोर-जोर से ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए और कहा, “मैं सनातन विरोधी नहीं हूं। अगर नारे लगाकर दबाव बनाना चाहते हैं, तो यह गलत है।” उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोगों ने उनकी निडरता और स्थिति को संभालने की क्षमता की सराहना की। हीना खान, जो मूल रूप से गुना जिले की रहने वाली हैं और 2016 बैच की अधिकारी हैं, ने इस घटना से दिखाया कि पुलिस अधिकारी कैसे धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रख सकते हैं। इस घटना ने शहर में तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी।
सम्मान के नाम पर हत्या: शादी के दिन से पहले बेटी की गोली मारकर हत्या
साल की शुरुआत में जनवरी महीने में ग्वालियर में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। महाराजपुरा क्षेत्र के आदर्श नगर में रहने वाले ढाबा संचालक महेश सिंह गुर्जर ने अपनी 20 वर्षीय बेटी तनु गुर्जर की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात 14 जनवरी की रात हुई, जब तनु की शादी महज चार दिन बाद 18 जनवरी को तय थी।
तनु अपनी मर्जी के खिलाफ तय की गई शादी नहीं करना चाहती थी। उसने दो दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उसने खुलासा किया कि वह किसी दूसरे युवक से प्यार करती है और परिवार उसे जबरन शादी के लिए मजबूर कर रहा है। इसी बात से क्रोधित होकर पिता महेश ने घर में ही बेटी के चेहरे पर गोली मार दी। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि चचेरे भाई राहुल ने भी गोली चलाई। हत्या के बाद आरोपी मौके पर ही खड़े रहे और हथियार लहराते रहे। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पिता और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
यह मामला सम्मान हत्या (ऑनर किलिंग) का स्पष्ट उदाहरण था, जो समाज में अभी भी मौजूद रूढ़िवादी सोच को उजागर करता है। तनु का वीडियो वायरल होने के बाद शहर में महिलाओं की स्वतंत्रता और जबरन शादी के खिलाफ आवाजें उठीं। पुलिस ने मामले की गहन जांच की और यह घटना पूरे साल भर चर्चा में रही, क्योंकि यह युवा पीढ़ी की महत्वाकांक्षाओं और पारिवारिक दबाव के टकराव को दर्शाती है।
अन्य उल्लेखनीय घटनाएं और शहर का मिजाज
इन दो बड़ी खबरों के अलावा ग्वालियर में 2025 में कई अन्य घटनाएं भी हुईं, जैसे औद्योगिक विकास सम्मेलन जहां केंद्रीय गृह मंत्री ने बड़े प्रोजेक्ट्स की घोषणा की, मौसम संबंधी चुनौतियां और स्थानीय अपराध की कुछ वारदातें। लेकिन सीएसपी हीना खान की घटना ने धार्मिक सद्भाव और पुलिस की भूमिका पर सकारात्मक चर्चा कराई, जबकि तनु की हत्या ने समाज में लैंगिक समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मुद्दों को उठाया।
ये घटनाएं बताती हैं कि ग्वालियर जैसे शहर में परंपरा और आधुनिकता का संघर्ष अभी भी जारी है। साल 2025 शहरवासियों के लिए यादगार रहा, जहां चुनौतियों के बीच साहस और न्याय की मिसालें भी सामने आईं। नए साल में उम्मीद है कि शहर और सुरक्षित, समावेशी बनेगा।
