By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में स्वर्ण समाज का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोने-चांदी के कारोबार से जुड़े इस समाज ने जिला कलेक्टर के रूप में पदस्थ IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ खुलेआम मोर्चा खोल दिया है। समाज का आरोप है कि कलेक्टर संतोष वर्मा ने उनके साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया और कई मामलों में उनकी अनदेखी की, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। इसी क्रम में बुधवार को दूसरे दिन भी सैकड़ों की संख्या में स्वर्ण समाज के लोग सड़कों पर उतरे और पुलिस अधीक्षक कार्यालय (SP ऑफिस) का घेराव कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ SP ऑफिस के सामने धरना दिया बल्कि IAS संतोष वर्मा के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन के दौरान लोगों का गुस्सा इस कदर भड़का कि कई नेताओं ने खुलेआम धमकी भरे बयान दे डाले। भीड़ में मौजूद लोगों ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वे जहाँ भी उन्हें देखेंगे, उनका मुंह काला कर देंगे, जूते की माला पहनाएंगे और कड़ी कार्रवाई करेंगे। इन बयानों से माहौल और गरमा गया।
प्रदर्शन का दूसरा दिन, माहौल तनावपूर्ण
बुधवार सुबह से ही स्वर्ण समाज के लोग ग्वालियर के फूलबाग चौराहे पर एकत्रित होने लगे थे। हाथों में बैनर-पोस्टर लिए सैकड़ों लोग नारेबाजी करते हुए SP ऑफिस की ओर कूच कर गए। रास्ते में पुलिस ने बैरिगेडिंग लगा रखी थी, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिगेडिंग तोड़कर अंदर घुस गए और SP ऑफिस के मुख्य गेट के ठीक सामने धरने पर बैठ गए। वहाँ मौजूद पुलिस बल ने उन्हें समझाने-बुझाने की कोशिश की, लेकिन लोग टस से मस नहीं हुए।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे स्वर्ण समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कई महीनों से वे कलेक्टर संतोष वर्मा से मिलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराश लौटना पड़ा। उनका आरोप है कि कलेक्टर ने सोने-चांदी के व्यापारियों के लाइसेंस, टैक्स और अन्य मुद्दों पर एकतरफा फैसले लिए, जिससे छोटे-बड़े कई व्यापारी बर्बाद होने की कगार पर पहुँच गए हैं। कई व्यापारियों ने तो दुकानें बंद करने तक की नौबत आ गई है। समाज के लोगों का कहना है कि कलेक्टर ने उनकी बात सुनने के बजाय अधिकारियों को उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए, जिससे मामला और बिगड़ गया।
FIR की मांग पर अड़े, आंदोलन की चेतावनी
धरने पर बैठे लोगों ने साफ कहा कि जब तक IAS संतोष वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और समाज के साथ भेदभाव करने के आरोप में FIR दर्ज नहीं होगी, वे धरने से नहीं उठेंगे। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने उनकी मांग अनसुनी की तो वे पूरे जिले में चक्का जाम कर देंगे, बाजार बंद कराएंगे और बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। कुछ नेताओं ने तो यहाँ तक कह दिया कि संतोष वर्मा को ग्वालियर से तुरंत हटाया जाए, वरना समाज खुद ही उन्हें सबक सिखाएगा।
प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। कई महिलाओं ने कहा कि उनके पति और बेटे व्यापार नहीं कर पा रहे, घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि जल्द से जल्द न्याय किया जाए।
प्रशासन की चुप्पी, पुलिस अलर्ट
दूसरी ओर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। SP ऑफिस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया गया है। जिला कलेक्टर संतोष वर्मा की ओर से भी इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगे क्या?
स्वर्ण समाज के नेताओं ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन अब पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने ऐलान किया है कि अगर कल तक FIR नहीं हुई तो गुरुवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। साथ ही पूरे ग्वालियर चंबल संभाग में स्वर्ण समाज के लोग एकजुट होकर बड़ा प्रदर्शन करेंगे। शहर के व्यापारिक संगठनों ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन देने की बात कही है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और विस्फोटक हो सकती है।
फिलहाल ग्वालियर में तनाव का माहौल है और हर कोई इस बात का इंतजार कर रहा है कि प्रशासन कब और कैसे इस मामले को सुलझाता है। अगर समय रहते कोई हल नहीं निकला तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में फैल सकता है, क्योंकि स्वर्ण समाज की कई जिला इकाइयों ने भी ग्वालियर के लोगों के साथ खड़े होने का ऐलान कर दिया है।
