By: Ravindra Singh
Gwalior : मध्य प्रदेश का प्रमुख शहर ग्वालियर इन दिनों अंधविश्वास और फर्जीवाड़े का नया केंद्र बनता जा रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में पीर-फकीरों और कथित बाबाओं का अवैध कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि कानून-व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले पर मूकदर्शक बने हुए हैं। इन जालसाजों ने शहर भर में अपनी कई शाखाएं खोल रखी हैं, जिनके जरिए वे आम लोगों की आस्था और मजबूरी का नाजायज फायदा उठा रहे हैं।
वशीकरण और गड़े धन के झूठे दावों से जालसाजी
Gwalior इन पाखंडी बाबाओं के विज्ञापन और पर्चे किसी को भी हैरान कर सकते हैं। ‘गुरु सुल्तान जी सम्राट’ और ‘गुरु मस्तान जी सम्राट’ जैसे नामों से सक्रिय ये ठग खुलेआम पर्चे बांटकर हर तरह की समस्या का समाधान करने का दावा करते हैं। इनके मुख्य दावों में मनचाहा प्यार पाने, वशीकरण करने, जमीन में गड़ा गुप्त धन निकालने, कर्ज से रातों-रात मुक्ति दिलाने और सास-बहू के विवाद सुलझाने जैसे प्रलोभन शामिल हैं। इसके अलावा, तंत्र-मंत्र से गंभीर बीमारियों को ठीक करने की झूठी गारंटी देकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।
नेटवर्क फैलाकर भोले-भाले लोगों से मोटी वसूली
Gwalior ग्वालियर में इन फर्जी तांत्रिकों ने एक सुव्यवस्थित नेटवर्क तैयार कर लिया है। अपनी समस्याओं से परेशान होकर जब कोई पीड़ित इनके पास पहुंचता है, तो झाड़-फूंक और पूजा-पाठ के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठ ली जाती है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में खुली इनकी दुकानें इस बात का सबूत हैं कि अंधविश्वास का यह अवैध धंधा बिना किसी भय के खुलेआम चलाया जा रहा है।
मीडिया के खुलासे के बावजूद पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल
Gwalior इस काले कारोबार का पर्दाफाश ‘स्वदेश न्यूज’ द्वारा पहले भी प्रमुखता से किया जा चुका है, जिसमें इन ठगों के फर्जीवाड़े को उजागर किया गया था। हालांकि, मीडिया में खबरें आने के बावजूद ग्वालियर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने इन पाखंडियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस प्रकार की निष्क्रियता से पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और लोगों में रोष व्याप्त है।
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