by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक आज होने जा रही है, जिसमें रोजमर्रा की जरूरत वाली वस्तुओं पर जीएसटी दर में कटौती की संभावना पर विचार किया जाएगा। अगर यह फैसला लिया जाता है, तो इससे आम जनता को बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि इससे खाद्य और पेय पदार्थों सहित कई दैनिक-उपयोग की वस्तुओं की कीमतें कम हो सकती हैं।
बैठक के मुख्य मुद्दे:
इस बैठक के एजेंडे में कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं:
- खाद्य और पेय पदार्थों पर जीएसटी: वर्तमान में, कई पैकेज्ड खाद्य पदार्थों और पेय पदार्थों पर 5% से 18% तक जीएसटी लगता है। परिषद इस बात पर विचार कर सकती है कि क्या इन दरों को कम किया जा सकता है, विशेष रूप से उन वस्तुओं पर जो सीधे तौर पर आम आदमी के बजट को प्रभावित करती हैं।
- फिटमेंट कमेटी की सिफारिशें: जीएसटी परिषद की फिटमेंट कमेटी ने विभिन्न वस्तुओं और सेवाओं पर जीएसटी दरों की समीक्षा की है। इस बैठक में कमेटी की सिफारिशों पर चर्चा की जाएगी और उन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
- राजस्व की स्थिति: परिषद राज्यों के राजस्व संग्रह की स्थिति की भी समीक्षा करेगी। दर में किसी भी कटौती से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि इससे राज्यों के राजस्व पर नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
- जीएसटी कानून में संशोधन: कुछ छोटे-मोटे कानूनी और प्रक्रियागत बदलावों पर भी विचार किया जा सकता है ताकि जीएसटी प्रणाली को और अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा सके।
संभावित प्रभाव:
अगर जीएसटी दरों में कटौती होती है, तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। कीमतें कम होने से मांग बढ़ सकती है, जिससे अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। यह विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत होगी। उदाहरण के लिए, अगर बिस्किट, नमकीन, जूस, और अन्य स्नैक्स पर जीएसटी कम होता है, तो उनकी खुदरा कीमतें घट जाएंगी।
निष्कर्ष:
जीएसटी परिषद की यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण है। यह न केवल सरकार की आर्थिक नीतियों को दर्शाएगी, बल्कि यह भी तय करेगी कि आम जनता को महंगाई से कितनी राहत मिलेगी। सभी की निगाहें इस बैठक के फैसलों पर टिकी हैं और यह उम्मीद की जा रही है कि परिषद आम आदमी के पक्ष में कोई सकारात्मक निर्णय लेगी।
