By: Ravindra Sikarwar
गंजबासौदा (विदिशा): गुरुवार देर रात एक बार फिर नाबालिग किशोरी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आने से पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। घटना ग्राम पचमा की है, जहां किशोरी अकेली घर लौट रही थी। तभी स्थानीय युवक ने उसका रास्ता रोका और अभद्र टिप्पणी करते हुए छेड़छाड़ की। जब किशोरी ने शोर मचाने की कोशिश की तो आरोपी ने धमकी देकर उसे चुप रहने को कहा। डर के मारे किशोरी जैसे-तैसे घर पहुंची और रोते-बिलखते पूरी बात अपने चाचा को बताई।
चाचा जब तुरंत आरोपी युवक से पूछताछ करने पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद उसके साथियों ने मिलकर चाचा के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह जान बचाकर चाचा घर लौटे और परिजनों के साथ देहात थाने पहुंचकर पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
रातों-रात कार्रवाई, तीनों आरोपी धर लिए
शिकायत मिलते ही देहात थाना प्रभारी ने तुरंत टीम गठित की। किशोरी और उसके चाचा के बयानों के आधार पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए:
- नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का मामला – भारतीय न्याय संहिता की धारा 78(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 11/12 के तहत
- मारपीट और धमकी का मामला – संबंधित धाराओं में
पुलिस ने रात भर दबिश देकर मुख्य आरोपी सहित उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों स्थानीय निवासी हैं और पहले भी छोटे-मोटे विवादों में नाम आ चुका है।
शुक्रवार दोपहर कस्बे में निकाला गया सबक सिखाने वाला जुलूस
शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे देहात और शहर थाने की संयुक्त टीम ने एक अनोखा कदम उठाया। तीनों आरोपियों को हथकड़ी लगाकर, गले में तख्ती लटकाकर शहर थाने से तहसील कार्यालय तक पैदल जुलूस निकाला गया। जुलूस के दौरान पुलिस वाहन पर माइक से लगातार घोषणा की जा रही थी – “महिलाओं और नाबालिग बच्चों के साथ छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
इस जुलूस को देखने के लिए सड़कों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई महिलाओं और युवतियों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की तारीफ की। कुछ लोगों ने तो मोबाइल पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाला, जिसके बाद यह खबर तेजी से वायरल हो गई।
लगातार बढ़ रहे ऐसे मामले, पुलिस की सख्ती
पिछले कुछ महीनों में विदिशा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नाबालिगों के साथ छेड़छाड़ और उत्पीड़न के कई मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि अब ऐसी हर घटना पर तुरंत एफआईआर और त्वरित गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही समाज को कड़ा संदेश देने के लिए ऐसे जुलूस भी निकाले जाएंगे ताकि अपराध करने से पहले लोग सौ बार सोचें।
देहात थाना प्रभारी ने बताया, “हमारा मकसद किसी को शर्मिंदा करना नहीं, बल्कि समाज में भय का माहौल खत्म करना और अपराधियों के मन में दहशत पैदा करना है। अगर कोई भी लड़की या महिला असुरक्षित महसूस करे तो तुरंत 112 या नजदीकी थाने में सूचना दे। हम कुछ ही मिनटों में पहुंच जाएंगे।”
परिजनों ने पुलिस को कहा धन्यवाद
किशोरी के परिजनों ने पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि अगर इतनी जल्दी कार्रवाई नहीं होती तो आरोपी और बेखौफ हो जाते। चाचा ने बताया, “रात में शिकायत की और सुबह तक आरोपी सलाखों के पीछे। हमें पूरा भरोसा है कि अब हमारी बेटी सुरक्षित रहेगी।”
प्रशासन ने गांव वालों से भी अपील की है कि अगर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें। गांव में अब रात के समय महिला गश्त दल और पुलिस पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है।
यह घटना एक बार फिर बताती है कि समय पर शिकायत और पुलिस की तत्परता से न सिर्फ अपराधी पकड़े जाते हैं, बल्कि पूरे इलाके में महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षा का एहसास भी होता है।
