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By: Ravindra Sikarwar

ग्वालियर: बुजुर्गों की कमजोरी का फायदा उठाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटने वाली एक शातिर ठग गैंग का पुलिस ने बुधवार को पर्दाफाश कर दिया। उत्तर प्रदेश के आगरा से चलकर आने वाली यह तीन सदस्यीय गैंग पिछले कई महीनों से ग्वालियर में सक्रिय थी और खास तौर पर वृद्ध लोगों को निशाना बनाती थी। पुलिस ने गैंग के एक मुख्य सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी अभी फरार हैं। आरोपी के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए सोने-चांदी के नकली गहने और कुछ नकदी भी बरामद हुई है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान आगरा निवासी तनुज गोस्वामी (32 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार यह गैंग सड़कों, अस्पतालों के बाहर, मंदिरों और अन्य भीड़-भाड़ वाली जगहों पर बुजुर्गों को अपना शिकार बनाती थी। इनका तरीका बेहद पुराना लेकिन कारगर था – लॉटरी, इनामी स्कीम या “पैसा डबल” करने का लालच देकर पहले विश्वास जीतते थे, फिर मौका देखकर उनकी जेब काट लेते थे या गहने-नकदी लेकर फरार हो जाते थे।

पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले दो-तीन महीनों में शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बुजुर्गों से ठगी की करीब आधा दर्जन शिकायतें दर्ज हुई थीं। सभी शिकायतों में ठगों का तरीका एक जैसा था – तीन लोग मिलकर काम करते थे। एक व्यक्ति बुजुर्ग से बात शुरू करता था, दूसरा लॉटरी या इनाम की बात करके लालच देता था और तीसरा भीड़ का फायदा उठाकर जेब या गले से चेन-अंगूठी निकाल लेता था। कई मामलों में तो ठग बुजुर्गों को यह कहकर साथ ले जाते थे कि “अब आपको लाखों रुपए मिलेंगे” और रास्ते में ही लूटकर गायब हो जाते थे।

शिकायतों के आधार पर क्राइम ब्रांच और स्थानीय थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पता चला कि ठग आगरा से आते हैं और वारदात के बाद उसी रात या अगले दिन वापस लौट जाते हैं। आखिरकार क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार देर रात शहर के एक बस स्टैंड के पास घेराबंदी करके तनुज गोस्वामी को दबोच लिया। उसके पास से दो सोने की चेन (नकली), तीन जोड़ी कान के टॉप्स, कुछ चांदी के सिक्के और करीब 18 हजार रुपये नकद बरामद हुए। ये सभी गहने ठगी की वारदातों में इस्तेमाल किए जाते थे ताकि बुजुर्गों को असली लगें।

पूछताछ में तनुज ने कबूल किया कि वह अपने दो साथियों राजू उर्फ राजकुमार और मोहित शर्मा के साथ मिलकर यह धंधा कर रहा था। तीनों आगरा के रहने वाले हैं और पिछले छह महीने से मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में ठगी कर रहे हैं। ग्वालियर में ये लोग पिछले दो महीने से डेरा डाले हुए थे और हर हफ्ते 2-3 वारदातें कर लेते थे। एक वारदात में ये 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक की ठगी कर लेते थे। ठगी का अधिकतर माल ये लोग आगरा में ही बेच देते थे।

पुलिस अब फरार दोनों आरोपियों की तलाश में आगरा में भी दबिश दे रही है। साथ ही पिछले दिनों हुई ठगी की सभी शिकायतों के पीड़ितों से संपर्क करके बरामद गहनों की शिनाख्त कराई जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस गैंग से शहर के कई और मामले भी सुलझ सकते हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) ने बताया कि बुजुर्ग अक्सर अकेले घूमते हैं और लालच में जल्दी आ जाते हैं, इसलिए ठग इन्हें आसान शिकार मानते हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि कोई भी अजनबी लॉटरी, इनाम या पैसा डबल करने की बात करे तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें। साथ ही अपने बुजुर्ग परिजनों को भी ऐसे ठगों से सावधान रहने की हिदायत दें।

फिलहाल तनुज गोस्वामी को न्यायालय में पेश करके रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी दोनों साथियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा। इस गिरफ्तारी से ग्वालियर में बुजुर्गों को राहत की सांस आई है और लोग पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।

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