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Fraud Police: राजधानी भोपाल में चर्चित फिल्म स्पेशल-26 की तर्ज पर फर्जी पुलिस बनकर छापा मारने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आधा दर्जन से अधिक आरोपी दो कारों और वॉकी-टॉकी के साथ एक घर में घुसे और खुद को पुलिसकर्मी बताकर चार युवकों को बंधक बना लिया।

Fraud Police: गांजा दिखाकर एनडीपीएस केस की धमकी

11 जनवरी को वे अपने दोस्तों अनिमेष वर्मा, अनुराग और नरेंद्र परमार के साथ घर में बैठे थे।

इसी दौरान आरोपी घर में घुसे और राहुल गुप्ता के साथ मारपीट शुरू कर दी।

आरोपियों ने चार युवकों को बंधक बनाया और टेबल पर गांजा, एटीएम कार्ड रखे, फिर युवकों को एनडीपीएस मामले में फंसाने की धमकी दी।

इस दौरान मारपीट कर नकदी छीनी गई और पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया गया।

इसके बाद सभी से कुल 20 लाख रुपये की मांग की गई।

Fraud Police: थाने तक ले जाकर मांगी रंगदारी

फर्जी पुलिस चारों युवकों को मिसरोद थाने के सामने तक ले गई और प्रत्येक से 5-5 लाख रुपये देने का दबाव बनाया।

पीड़ित राहुल गुप्ता, जो क्रिप्टो करेंसी से जुड़े कारोबार में हैं, मूल रूप से नर्मदापुरम जिले के निवासी हैं और वर्तमान में हबीबगंज क्षेत्र के ई-7 स्थित लाला लाजपत राय सोसायटी में रहते हैं।

पीड़ित राहुल गुप्ता से एक लाख रुपये की व्यवस्था उनके परिचित अधिवक्ता आनंद रघुवंशी के जरिए कराने को कहा गया।

अधिवक्ता की सतर्कता से खुली पोल

आनंद रघुवंशी जब भोपाल पहुंचे तो आरोपियों की बातचीत और व्यवहार से उन्हें शक हुआ।

उन्होंने चालाकी से एक आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार हो गया।

भागते समय आरोपी अपना मोबाइल फोन छोड़ गया, जो बाद में पुलिस को सौंपा गया।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद दो दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई और गंभीर धाराएं जानबूझकर नहीं जोड़ी गईं।

बाद में केवल फर्जी पुलिस बनकर जालसाजी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया।

पीड़ितों ने सीसीटीवी फुटेज भी सौंपे हैं, जिससे पूरे मामले और पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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