Fraud and Financial mismanagementFraud and Financial mismanagement
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Report by: Yogendra Singh

Fraud and Financial mismanagement : राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने आयुष्मान भारत ‘निरामयम्’ योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की जा रही निगरानी के दौरान अल रशीद चैरिटेबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में गंभीर अनियमितताएं पाईं। एजेंसी के मुताबिक, अस्पताल प्रशासन द्वारा न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया, बल्कि योजना के तहत मिलने वाले पैकेजों के नाम पर धांधली भी की गई। इसके चलते अस्पताल को तत्काल प्रभाव से योजना से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है।

मरीजों को बंधक बनाकर लाभ कमाने का आरोप

Fraud and Financial mismanagement जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अस्पताल प्रबंधन अधिक आर्थिक लाभ लेने के लालच में मरीजों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक भर्ती रखता था। इससे योजना के फंड से अधिक क्लेम हासिल करने का प्रयास किया गया। इसके अलावा, अस्पताल द्वारा प्रस्तुत किए गए दावों (Claims) में भी कई तकनीकी और नियम विरुद्ध कमियां पाई गईं। यह स्पष्ट रूप से ‘निरामयम्’ योजना के सिद्धांतों का उल्लंघन है, जिसका उद्देश्य जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क उपचार प्रदान करना है।

पुरानी गलतियों से नहीं लिया सबक, अब होगी सख्त कार्रवाई

Fraud and Financial mismanagement यह पहली बार नहीं है जब इस अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हों। रिकॉर्ड के अनुसार, पूर्व में भी इसी तरह की खामियों के लिए अस्पताल पर 69,800 रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया। इसी हठधर्मिता और बार-बार दोहराई गई अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने अब इसे योजना से स्थायी रूप से असम्बद्ध (De-empanel) करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

प्रशासन की चेतावनी: पारदर्शिता से समझौता नहीं

Fraud and Financial mismanagement ज्य स्वास्थ्य एजेंसी ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी सूचीबद्ध अस्पतालों की सतत निगरानी की जा रही है। यदि कोई भी संस्थान अनैतिक तरीके से सरकारी राशि का लाभ उठाने या मरीजों के उपचार में लापरवाही बरतने का दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भी इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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