by-Ravindra Sikarwar
लॉस एंजिल्स: पूर्व गूगल के सीईओ और अरबपति एरिक श्मिट पर उनकी 31 वर्षीय पूर्व प्रेमिका मिशेल रिटर ने गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है। रिटर ने श्मिट पर पीछा करने, भावनात्मक शोषण, ‘विषाक्त मर्दानगी’ और डिजिटल निगरानी का आरोप लगाया है। कोर्ट दस्तावेजों के अनुसार, श्मिट ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर रिटर की निजी जिंदगी पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की, जिसमें फोन कॉल, ईमेल और वित्तीय संसाधनों की निगरानी शामिल है। यह मुकदमा सितंबर 2024 में शुरू हुआ था, लेकिन हाल ही में जारी दस्तावेजों ने इसे सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया। श्मिट की कानूनी टीम ने इन आरोपों को ‘स्पष्ट रूप से झूठा’ बताते हुए खारिज किया है और इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करार दिया है। मामला दिसंबर 2025 में कोर्ट में सुनवाई के लिए निर्धारित है, और अधिकांश दस्तावेज अभी गोपनीय हैं। यह विवाद न केवल व्यक्तिगत संबंधों का, बल्कि शक्ति, धन और तकनीक के दुरुपयोग का प्रतीक बन गया है।
आरोपों का विस्तृत विवरण: डिजिटल जासूसी और नियंत्रण का जाल
मिशेल रिटर ने लॉस एंजिल्स काउंटी सुपीरियर कोर्ट में दायर याचिका में श्मिट पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि श्मिट ने उन्हें ‘पूर्ण डिजिटल निगरानी प्रणाली’ में फंसा दिया, जिससे उनकी निजता पूरी तरह नष्ट हो गई। रिटर के अनुसार, “एरिक की तकनीकी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए, मैं निजी फोन कॉल नहीं कर सकती या ईमेल भेज सकती हूं बिना निगरानी के।” उन्होंने कहा कि श्मिट ने अपनी शक्ति और प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें सुरक्षित डेटा, उपकरणों, वित्तीय संसाधनों और व्यवसायों तक पहुंच से वंचित कर दिया, जिससे उनकी जिंदगी शांतिपूर्वक जीने में बाधा उत्पन्न हुई।
रिटर ने आगे आरोप लगाया कि श्मिट ने उन पर दबाव डाला कि वे यौन उत्पीड़न या शोषण के किसी भी दावे पर ‘गैग ऑर्डर’ स्वीकार करें और एक ‘जानबूझकर झूठी घोषणा’ पर हस्ताक्षर करें, जिसमें इन घटनाओं को कभी न होने का दावा किया जाए। हालांकि, कोर्ट दस्तावेजों में इन आरोपों की विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। रिटर ने श्मिट को ‘विषाक्त मर्दानगी’ का प्रतीक बताया, जो उनके रिश्ते को एक ‘विषाक्त और शोषणकारी वातावरण’ में बदल दिया। यह निगरानी न केवल डिजिटल थी, बल्कि शारीरिक भी—रिटर के माता-पिता को लॉस एंजिल्स के एक रेस्तरां से लौटते समय निजी जासूसों द्वारा पीछा किया गया। जब पुलिस ने उन जासूसों से पूछताछ की, तो एक ने स्वीकार किया कि वह ‘एक अरबपति की निजी सुरक्षा टीम’ का हिस्सा है, लेकिन मालिक का नाम नहीं बताया।
यह विवाद एक असफल एआई स्टार्टअप और वित्तीय विवादों से जुड़ा है। रिटर ने दावा किया कि श्मिट ने उन्हें बेल एयर (लॉस एंजिल्स) में उनके आलीशान महल तक पहुंच से वंचित कर दिया। इसके अलावा, श्मिट ने रिटर के एआई-केंद्रित स्टार्टअप स्टील पर्लोट में 100 मिलियन डॉलर का निवेश किया था, लेकिन रिश्ते के बिगड़ने पर उन्हें कंपनी की वेबसाइट से ही बाहर कर दिया, जबकि वह खुद सीईओ थीं। रिटर ने दिसंबर 2024 में अस्थायी प्रतिबंधात्मक आदेश (टीआरओ) की मांग की थी, जिसे जनवरी 2025 में दोनों पक्षों के बीच सुलह पर वापस ले लिया गया। इस सुलह में श्मिट ने ‘उचित राशि’ का भुगतान किया, लेकिन रिटर का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं था।
मिशेल रिटर कौन हैं? एक उद्यमी की कहानी
मिशेल रिटर, 31 वर्षीय (श्मिट से 39 वर्ष छोटी), एक महत्वाकांक्षी उद्यमी और कोलंबिया लॉ स्कूल (2021) की स्नातक हैं। उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान 2020 में श्मिट से मुलाकात की, जो तब तक एक प्रमुख तकनीकी निवेशक के रूप में जानी जाती थीं। रिटर ने स्टील पर्लोट नामक एआई-आधारित कंपनी की स्थापना की, जिसमें श्मिट का भारी निवेश था। इससे पहले, रिटर ने ऑडेम मैनेजमेंट नामक एक अन्य कंपनी में भी काम किया। वह टेक उद्योग में महिलाओं के सशक्तिकरण पर काम करने वाली एक प्रभावशाली व्यक्तित्व हैं। रिटर का दावा है कि श्मिट के साथ उनका रिश्ता 2020 से शुरू हुआ, लेकिन यह श्मिट की पत्नी वेंडी श्मिट से उनकी शादी के बावजूद चला। वेंडी एक परोपकारी हैं और श्मिट फाउंडेशन चलाती हैं। रिटर ने आरोप लगाया कि श्मिट की शादीशुदा स्थिति ने उनके रिश्ते को और जटिल बना दिया।
एरिक श्मिट का पक्ष: आरोपों का खंडन और जवाबी कार्रवाई
श्मिट की कानूनी टीम ने 8 अक्टूबर 2025 को 82 पेज का जवाब दायर किया, जिसमें रिटर के आरोपों को ‘सिद्ध रूप से झूठा’ और ‘न्यायिक प्रणाली का घोर दुरुपयोग’ बताया गया। अधिकांश दस्तावेज अभी गोपनीय हैं, लेकिन उपलब्ध हिस्सों में कहा गया है कि रिटर की शिकायत उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित कोशिश है। श्मिट के वकीलों ने दावा किया कि रिटर ने टीआरओ की मांग से ठीक दो दिन पहले अपने माता-पिता को जासूसों से पीछा करवाया, जो श्मिट की बजाय रिटर की ओर इशारा करता है। श्मिट के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन स्रोतों के अनुसार, श्मिट इन आरोपों को ‘झूठी बदनामी’ का प्रयास मानते हैं। श्मिट, जिनकी संपत्ति 44.8 बिलियन डॉलर आंकी जाती है, गूगल के सीईओ (2001-2011), एक्जीक्यूटिव चेयरमैन (2011-2015) और टेक्नोलॉजी एडवाइजर (2017-2020) रह चुके हैं। उनके पिछले रिश्तों में फैशन डिजाइनर, सोशलाइट्स और पीआर एक्जीक्यूटिव्स शामिल हैं, जैसे 2019 में अलेक्जेंड्रा डुइसबर्ग को दिया गया 10-कैरेट पिंक सैफायर रिंग।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की संभावनाएं:
यह मुकदमा सितंबर 2024 से चल रहा है, जब रिटर ने टीआरओ दायर की। जनवरी 2025 में सुलह के बाद मामला शांत हो गया था, लेकिन अब फिर से उभर आया है। कोर्ट ने दिसंबर 4, 2025 को सुनवाई निर्धारित की है, जहां गोपनीय दस्तावेज खोले जा सकते हैं। यदि आरोप सिद्ध हुए, तो श्मिट पर सिविल और आपराधिक दोनों स्तरों पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला टेक उद्योग में शक्ति असंतुलन और #MeToo आंदोलन को नई दिशा दे सकता है। रिटर ने कहा कि श्मिट की ‘असाधारण शक्ति’ ने उन्हें न्याय के लिए संघर्ष करने पर मजबूर किया है।
सामाजिक प्रभाव और सबक:
यह विवाद टेक्नोलॉजी की दुनिया में गोपनीयता, शोषण और लिंग असमानता के मुद्दों को उजागर करता है। सोशल मीडिया पर #EricSchmidtAbuse ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग रिटर का समर्थन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले अमीर और प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हैं। श्मिट की पत्नी वेंडी, जो पर्यावरण और शिक्षा पर काम करती हैं, इस मामले पर चुप हैं। यह घटना हमें याद दिलाती है कि तकनीक का दुरुपयोग व्यक्तिगत स्तर पर कितना विनाशकारी हो सकता है।
यह मुकदमा न केवल दो व्यक्तियों का विवाद है, बल्कि सत्ता और नियंत्रण की एक गहरी कहानी है, जो न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है।
