by-Ravindra Sikarwar
पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह (43 वर्ष) से प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप 1xबेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लगभग सात घंटे से अधिक पूछताछ की। यह पूछताछ 23 सितंबर को दिल्ली के ED मुख्यालय में हुई, जहां युवराज दोपहर करीब 12 बजे पहुंचे थे। एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत उनका बयान दर्ज किया, जिसमें ऐप के प्रमोशनल गतिविधियों से उनके कथित संबंधों पर फोकस किया गया। युवराज के वकील ने कहा कि क्रिकेट लेजेंड पूरी तरह सहयोग करने को तैयार हैं, हालांकि एक तकनीकी समस्या के कारण शुरुआती देरी हुई। यह जांच अवैध जुआ प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ ED की व्यापक मुहिम का हिस्सा है, जिसमें कर चोरी, धोखाधड़ी और विदेशी सट्टेबाजी नेटवर्क्स को निशाना बनाया जा रहा है।
मामले का विवरण और युवराज का संबंध:
1xबेट एक कुराकाओ-रजिस्टर्ड बुकमेकर है, जो 18 वर्षों से वैश्विक स्तर पर सक्रिय है और 70 भाषाओं में उपलब्ध है। यह ऐप भारत में अवैध माना जाता है, जहां रीयल-मनी ऑनलाइन सट्टेबाजी को 2025 के प्रोमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल के तहत प्रतिबंधित किया गया है। ED की जांच के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म लाखों उपयोगकर्ताओं को करोड़ों रुपये का चूना लगाने, एल्गोरिदम में हेरफेर करने और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष करों से भारी चोरी करने का आरोपी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत का ऑनलाइन सट्टेबाजी बाजार 100 बिलियन डॉलर से अधिक का है, जो 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
युवराज सिंह को ED ने 16 सितंबर को ही समन जारी किया था, और पूछताछ में उनसे पूछा गया कि क्या वे ऐप के प्रचार में शामिल थे, क्या उन्होंने अपनी छवि का इस्तेमाल किया, और क्या उन्हें भुगतान प्राप्त हुआ। एजेंसी ने उनके अनुबंध, ईमेल और संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां मांगीं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे जानते थे कि भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी अवैध है। युवराज, जो 2012 में कैंसर से उबरने के बाद क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, ने पहले भी IPL में बेटिंग विवादों में नाम का सामना किया था, लेकिन इस मामले में उनका सीधा प्रमोशनल लिंक सामने आया है।
ED की जांच का दायरा और अन्य हस्तियां:
यह पूछताछ 1xबेट के अलावा अन्य सट्टेबाजी ऐप्स जैसे परिमैच पर ED की छापेमारी से जुड़ी है। पिछले कुछ हफ्तों में ED ने पूर्व क्रिकेटरों सुरेश रैना, शिखर धवन और रॉबिन उथप्पा से पूछताछ की है। इसके अलावा, पूर्व TMC सांसद और अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती, बॉलीवुड अभिनेत्री उर्वशी रौतेला (जो 1xबेट की भारतीय ब्रांड एंबेसडर हैं), बंगाली अभिनेता अंकुश हजरा और इन्फ्लुएंसर अन्वेषी जैन को भी बुलाया गया। अन्वेषी जैन ने भी 23 सितंबर को ही ED के समक्ष बयान दर्ज कराया। अभिनेता सोनू सूद को 24 सितंबर (आज) के लिए समन जारी किया गया है।
ED ने क्रिकेटरों और अभिनेताओं से यह भी पूछा है कि क्या वे ऐप्स के अवैध होने की जानकारी रखते थे। जांच में कई अन्य खिलाड़ी, फिल्म स्टार, इन्फ्लुएंसर और सेलिब्रिटी शामिल होने की संभावना है। सरकार ने संसद को बताया कि 2022 से जून 2025 तक 1,524 ऑर्डर जारी कर ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक किया गया है।
पृष्ठभूमि: अवैध सट्टेबाजी पर सरकारी कार्रवाई
भारत में ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन यह कानूनी रूप से प्रतिबंधित है। ED की यह मुहिम विदेशी सट्टेबाजी नेटवर्क्स के खिलाफ है, जो भारतीय उपयोगकर्ताओं को लुभाने के लिए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट का इस्तेमाल करते हैं। 1xबेट जैसे ऐप्स पर आरोप है कि वे उपयोगकर्ताओं को धोखा देते हैं, एल्गोरिदम में फिक्सिंग करते हैं और अरबों रुपये की कमाई को विदेशी खातों में छिपाते हैं। ED ने हाल ही में कई छापे मारे हैं, जिसमें दस्तावेज जब्त किए गए और बैंक खातों की जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया और जनता की प्रतिक्रिया:
X (पूर्व ट्विटर) पर #YuvrajED और #1xBetScam हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां प्रशंसक युवराज के क्रिकेट करियर की सराहना करते हुए इस मामले पर चिंता जता रहे हैं। कई यूजर्स ने सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की नैतिकता पर सवाल उठाए, जबकि कुछ ने ED की कार्रवाई को सकारात्मक बताया। क्रिकेट समुदाय में यह खबर चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि इससे खिलाड़ियों की छवि प्रभावित हो सकती है।
युवराज सिंह की पूछताछ से 1xबेट मामले में नई परतें खुल सकती हैं, जो अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ भारत की सख्ती को दर्शाता है। ED की जांच जारी है, और आने वाले दिनों में और हस्तियां समन का सामना कर सकती हैं। युवराज ने सहयोग का वादा किया है, लेकिन यह मामला भारतीय मनोरंजन और खेल जगत के लिए सबक साबित हो सकता है। नवीनतम अपडेट्स के लिए आधिकारिक समाचार स्रोतों और ED की वेबसाइट पर नजर रखें।
