by-Ravindra Sikarwar
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 8.45 लाख छात्रों के लिए स्कूल फीस की प्रतिपूर्ति की। यह राशि लाडली बहना योजना के तहत एकल क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई, जिसका उद्देश्य कक्षा 12 तक मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करना है। इस पहल से राज्य के लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
योजना का उद्देश्य और महत्व:
लाडली बहना योजना, जो पहले से ही महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जानी जाती है, अब शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी छाप छोड़ रही है। इस योजना के तहत, मध्य प्रदेश सरकार ने उन परिवारों के बच्चों की स्कूल फीस माफ करने का वादा किया था, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। आज इस वादे को पूरा करते हुए, मुख्यमंत्री ने एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए 8.45 लाख छात्रों के खातों में फीस की राशि हस्तांतरित की। यह कदम न केवल शिक्षा को सुलभ बनाएगा, बल्कि बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाने में भी मदद करेगा।
कार्यक्रम का आयोजन:
भोपाल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना की शुरुआत की। उन्होंने कहा, “शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, और हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे के सपनों के बीच न आए।” इस अवसर पर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्कूल प्राचार्य और कुछ लाभार्थी छात्र भी उपस्थित थे।
लाभार्थियों का चयन और प्रक्रिया:
फीस प्रतिपूर्ति योजना के तहत उन छात्रों को चुना गया है, जो सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक पढ़ रहे हैं। लाभार्थियों की पहचान करने के लिए सरकार ने एक पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई, जिसमें परिवार की आय, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और अन्य मानदंडों को आधार बनाया गया। डिजिटल हस्तांतरण प्रणाली के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि राशि सीधे छात्रों के अभिभावकों या स्कूलों के खातों में पहुंचे, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
शिक्षा पर सरकार का जोर:
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल के वर्षों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। लाडली बहना योजना के अलावा, स्कूलों में बुनियादी ढांचे का विकास, शिक्षकों की भर्ती और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने जैसे प्रयास किए जा रहे हैं। इस फीस माफी योजना से न केवल छात्रों को लाभ होगा, बल्कि स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
अभिभावकों और छात्रों की प्रतिक्रिया:
इस योजना से लाभान्वित होने वाले परिवारों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। भोपाल की एक अभिभावक, श्रीमती राधा शर्मा ने कहा, “मेरे दो बच्चों की स्कूल फीस अब सरकार वहन कर रही है। इससे हमारा आर्थिक बोझ कम हुआ है, और हम अपने बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे सकते हैं।” वहीं, एक छात्रा कुमारी प्रिया ने बताया कि अब वह बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकती है और अपने सपनों को साकार करने की दिशा में बढ़ सकती है।
भविष्य की योजनाएं:
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार भविष्य में इस योजना का दायरा और बढ़ा सकती है। उच्च शिक्षा के लिए भी इसी तरह की सहायता प्रदान करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, ड्रॉपआउट दर को कम करने और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नए कार्यक्रम शुरू करने की योजना है।
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह कदम मध्य प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ता है। 8.45 लाख छात्रों के लिए फीस माफी न केवल आर्थिक राहत प्रदान करेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि हर बच्चा अपनी प्रतिभा को निखार सके। यह योजना लाडली बहना के व्यापक लक्ष्यों को और मजबूत करती है, जो न केवल महिलाओं बल्कि पूरे परिवार के उत्थान के लिए काम कर रही है।
