by-Ravindra Sikarwar
नोएडा पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय पुलिस स्टेशन का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक पूर्व नेता भी शामिल हैं, जो इस गिरोह के सरगना बताए जा रहे हैं। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।
क्या था फर्जीवाड़ा?
नोएडा के सेक्टर 20 में एक आलीशान दफ्तर में इस फर्जी पुलिस स्टेशन का संचालन किया जा रहा था। गिरोह के सदस्यों ने खुद को “इंटरनेशनल पुलिस एसोसिएशन” का अधिकारी बताया था। उन्होंने दफ्तर को इस तरह सजा रखा था कि वह किसी असली पुलिस स्टेशन जैसा लगे, जिसमें फर्जी वर्दी, बैज और अन्य पुलिस उपकरण मौजूद थे।
गिरोह लोगों को विदेशों में, खासकर कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में नौकरी दिलाने का वादा करता था। इसके बदले में वे उनसे भारी भरकम फीस और ‘सुरक्षा जमा’ के नाम पर लाखों रुपये वसूलते थे। यह गिरोह सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइटों के जरिए भी लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
गिरफ्तारियां और जाँच:
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा और मौके से कई लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में TMC के एक पूर्व नेता भी शामिल हैं, जिन्हें गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस ने उनके पास से फर्जी दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की है।
जाँच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और इसने देश के कई हिस्सों से सैकड़ों लोगों को ठगा है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और उनके नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी नौकरी रैकेट के खतरे को उजागर किया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
