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by-Ravindra Sikarwar

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच रविवार को हुई तीव्र गोलीबारी में दो महिला नक्सलियों समेत कुल तीन उग्रवादी मारे गए। मारे गए नक्सलियों में जनमिलिशिया कमांडर और स्नाइपर विशेषज्ञ माड़वी देवा भी शामिल है। इन तीनों पर राज्य सरकार की ओर से पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था, जिससे कुल इनामी राशि 15 लाख रुपये बनती है। मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुए हैं।

तुमालपाड़ जंगल में चली गोलीबारी:
सुकमा पुलिस अधीक्षक (एसपी) किरण चव्हाण ने घटना की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 16 नवंबर 2025 को भेज्जी और चिंतागुफा के सीमावर्ती इलाके में नक्सलियों की उपस्थिति की खुफिया सूचना मिली थी। इस आधार पर जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) की टीम ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। सुबह के समय तुमालपाड़ के घने जंगल में नक्सलियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने तुरंत स्थिति संभाली और जवाबी कार्रवाई की। दोनों पक्षों के बीच लंबे समय तक रुक-रुक कर गोलीबारी चलती रही। इस दौरान कई नक्सली जंगल के गहराई वाले हिस्सों में भागने में सफल रहे। फायरिंग थमने के बाद जब जवानों ने इलाके की छानबीन की, तो उन्हें तीन नक्सलियों के शव मिले।

मारे गए नक्सलियों की पहचान और भूमिका:
मारे गए नक्सलियों की शिनाख्त कोटा एरिया कमेटी के सदस्य तथा स्नाइपर विशेषज्ञ माड़वी देवा, कोंटा एरिया कमेटी के जनमिलिशिया (सीएनएम) कमांडर पोड़ियम गंगी और किस्टाराम एरिया कमेटी की सदस्य सोड़ी गंगी के रूप में हुई। माड़वी देवा को अपनी स्नाइपर स्किल्स के लिए जाना जाता था, जबकि दोनों महिला नक्सली संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं।

बरामद हथियारों की सूची:
मुठभेड़ स्थल की तलाशी के दौरान सुरक्षा बलों को 303 राइफल, बीजीएल (बारrel ग्रेनेड लॉन्चर) सहित कई अन्य हथियार, गोला-बारूद और नक्सली साहित्य मिला। ये सामग्री नक्सलियों की सशस्त्र क्षमता को दर्शाती है।

बस्तर में नक्सलवाद का अंतिम दौर?
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) सुंदरराज पी ने कहा कि माओवादी आंदोलन अब बस्तर क्षेत्र में अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। संगठन की संरचना बुरी तरह टूट चुकी है और कैडरों के पास हिंसा त्यागकर सरेंडर नीति अपनाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष अब तक बस्तर रेंज में कुल 233 माओवादी मारे जा चुके हैं।

हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए आईजी ने बताया कि बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र में 11 नवंबर को हुई एक अन्य मुठभेड़ में तीन महिला नक्सलियों समेत छह उग्रवादी मारे गए थे। इनमें मद्देड़ एरिया कमेटी के प्रभारी बुच्चन्ना और शीर्ष नक्सली नेता पापाराव की पत्नी उर्मिला शामिल थीं। हालांकि, पापाराव इस बार भी सुरक्षा बलों के हाथ नहीं चढ़ सका।

यह मुठभेड़ बस्तर में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता को रेखांकित करती है, जहां सुरक्षा बल लगातार उग्रवादियों पर दबाव बना रहे हैं।

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