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By: Ravindra Sikarwar

मुंबई: आम आदमी के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट में 25 आधार अंकों (0.25 प्रतिशत) की कटौती का ऐलान किया है। इसके साथ ही रेपो रेट अब 5.50 प्रतिशत से घटकर 5.25 प्रतिशत हो गया है। यह लगातार दूसरी मौद्रिक नीति है जिसमें RBI ने ब्याज दरों में कमी की है। इसका सीधा असर घर, गाड़ी, पर्सनल और बिजनेस लोन की EMI पर पड़ेगा – यानी अब किश्तें पहले से कम आएंगी।

RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अर्थव्यवस्था में नरमी के संकेत दिख रहे हैं और महंगाई दर भी नियंत्रण में है। खुदरा महंगाई नवंबर में 5.5 प्रतिशत के आसपास रही जो हमारे लक्ष्य सीमा के अंदर है। इसलिए विकास को गति देने और क्रेडिट की मांग बढ़ाने के लिए हमने रेपो रेट घटाने का फैसला किया है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीतिगत रुख (monetary policy stance) अब भी “neutral” ही रहेगा, यानी आगे जरूरत पड़ी तो और भी कटौती हो सकती है।

आम लोगों को क्या फायदा?

  • होम लोन: 50 लाख का 20 साल का लोन अगर पहले 8.75% ब्याज पर था, तो उसकी EMI करीब 44,000 रुपये थी। अब बैंक अगर पूरी कटौती पास-ऑन करते हैं तो यही EMI लगभग 41,500-42,000 रुपये तक कम हो सकती है – यानी हर महीने 2,000-2,500 रुपये की बचत।
  • कार लोन: 7-8 साल के कार लोन पर भी 30-40 हजार रुपये तक की कुल बचत हो सकती है।
  • पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड बकाया: इन पर भी ब्याज दरें घटेंगी, जिससे कर्ज चुकाना आसान होगा।

बैंक कब तक घटाएंगे अपनी दरें?
आमतौर पर RBI की कटौती के 1-3 महीने के अंदर ज्यादातर बैंक MCLR (Marginal Cost of Funds based Lending Rate) और रिटेल लोन रेट्स में कमी करते हैं। SBI, HDFC बैंक, ICICI बैंक जैसे बड़े बैंक पहले ही संकेत दे चुके हैं कि वे जल्द ही अपनी लेंडिंग रेट्स कम करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि जनवरी-फरवरी 2026 तक ज्यादातर लोन सस्ते हो जाएंगे।

अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
रेपो रेट घटने से बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ेगी और कर्ज लेना सस्ता होगा। इससे रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, SME और स्टार्टअप सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा। त्योहारी सीजन के बाद भी कार और घर की बिक्री में गिरावट देखी जा रही थी, अब उम्मीद है कि 2026 की पहली तिमाही से मांग में तेजी आएगी।

शेयर बाजार ने किया स्वागत
RBI के फैसले के तुरंत बाद सेंसेक्स में 800 अंकों से ज्यादा की उछाल आई और निफ्टी भी 23,800 के पार पहुंच गया। बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो शेयरों में 3-7 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। निवेशकों का मानना है कि सस्ता कर्ज कंपनियों की लागत कम करेगा और मुनाफा बढ़ाएगा।

आगे क्या?
विश्लेषकों का अनुमान है कि अगर महंगाई 5 प्रतिशत से नीचे बनी रही और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता नहीं बढ़ी, तो RBI फरवरी 2026 की नीति में एक और 25 आधार अंकों की कटौती कर सकता है। इस स्थिति में रेपो रेट 5.75 प्रतिशत तक आ सकता है – जो कोविड के बाद का सबसे निचला स्तर होगा।

कुल मिलाकर यह कटौती मध्यम वर्ग के लिए नए साल का तोहफा है। अगर आप नया घर या गाड़ी खरीदने का प्लान कर रहे थे, तो अब सही समय है – EMI कम होने से आपका बजट और मजबूत हो जाएगा।

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