By: Ravindra Sikarwar
छत्तीसगढ़ में सामने आए लगभग 3200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। इस बहुचर्चित मामले में ईडी ने मुख्य आरोपी मानी जा रही सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई देर रात की गई, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एजेंसी के अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी लंबे समय से चल रही जांच का अहम परिणाम है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
ईडी ने इससे पहले सौम्या चौरसिया को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के दौरान एजेंसी ने उनसे शराब कारोबार, लाइसेंस वितरण, राजस्व प्रक्रियाओं और कथित अवैध लेन-देन से जुड़े कई बिंदुओं पर विस्तार से सवाल किए। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान ईडी को कुछ ऐसे अहम दस्तावेज और जानकारियां मिलीं, जिनके आधार पर उनकी गिरफ्तारी को जरूरी माना गया। इसी क्रम में ईडी ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया।
प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि इस कथित घोटाले के तहत राज्य में शराब कारोबार से जुड़ी नीतियों, लाइसेंस प्रक्रिया और राजस्व संग्रह में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। जांच एजेंसी का दावा है कि इन अनियमितताओं के जरिए सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया गया और अवैध तरीके से करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में कई प्रभावशाली लोग और अधिकारी शामिल हो सकते हैं, जिनकी भूमिका की परतें अभी खुलनी बाकी हैं।
गिरफ्तारी के बाद ईडी ने जानकारी दी कि सौम्या चौरसिया को बुधवार को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। अदालत में पेशी के दौरान ईडी उनकी रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। एजेंसी का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें एक संगठित नेटवर्क के संकेत मिल रहे हैं।
सौम्या चौरसिया को छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन में एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा है। वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के दौरान मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। इसी कारण यह मामला और अधिक संवेदनशील माना जा रहा है। विपक्षी दल इस गिरफ्तारी को सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करने का अवसर बता रहे हैं, जबकि कांग्रेस पार्टी की ओर से अब तक इस पर औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अगर सौम्या चौरसिया के प्रशासनिक करियर की बात करें तो वह 2008 बैच की पीसीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म छत्तीसगढ़ के भिलाई क्षेत्र में हुआ था। सेवा के दौरान उन्होंने प्रदेश के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर जिम्मेदारी निभाई है। वह पेंड्रा, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई और पाटन में एसडीएम के पद पर रह चुकी हैं। वर्ष 2016 में उन्हें रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके बाद 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में महत्वपूर्ण भूमिका मिली।
ईडी की इस कार्रवाई को शराब घोटाले की जांच में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा और तेज होगी तथा इस कथित घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है। फिलहाल पूरे प्रदेश की निगाहें अदालत की आगामी कार्यवाही और ईडी की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
