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By: Ravindra Sikarwar

गुजरात के सूरत शहर में बीते कुछ दिनों से एक सनसनीखेज मामला चर्चा में है, जिसने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। दिखने में शांत, अनुशासित और अपने विभाग में जिम्मेदार माने जाने वाले वन विभाग के सीनियर अधिकारी शैलेश खंभाला की असलियत तब सामने आई जब उनकी पत्नी और दोनों छोटे बच्चों के गायब होने की गुत्थी खुली। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे उस अधिकारी के दोहरे जीवन और खतरनाक फैसलों का सच सामने आता गया। पता चला कि खंभाला अपनी एक महिला सहकर्मी के साथ करीब चार साल से रिश्ते में था—एक ऐसा रिश्ता जिसने उसे अपने ही परिवार के खात्मे तक पहुंचा दिया।

चार साल पुराना प्रेम, एकतरफा जुनून और बढ़ती दूरियां
शैलेश खंभाला, जो कि सूरत के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट में सहायक वन संरक्षक (ACF) के पद पर तैनात था, वर्ष 2022 में एक महिला फॉरेस्ट अधिकारी से मिला। शुरुआत दोस्ती से हुई, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता उसकी जिंदगी का केंद्र बन गया। पुलिस का कहना है कि खंभाला इस संबंध को लेकर बेहद गंभीर हो गया था, यहां तक कि उसे लगने लगा कि उसकी पत्नी और बच्चे उसके नए रिश्ते की राह में रुकावट बन रहे हैं।

शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई कि खंभाला जिस महिला अधिकारी को लेकर इतना जुनूनी था, वह खुद इस रिश्ते को लेकर उतनी प्रतिबद्ध नहीं थी। पुलिस पूछताछ में उसने दावा किया कि उसे खंभाला की निजी जिंदगी या उसकी खौफनाक योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। पुलिस अभी भी यह जांच रही है कि क्या महिला किसी भी रूप में इस पूरे अपराध से जुड़ी है, लेकिन अब तक उसके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत सामने नहीं आया है।

लापता परिवार की कहानी: 7 नवंबर की शिकायत और छिपे हुए सुराग
यह मामला तब चर्चा में आया जब 7 नवंबर को खंभाला खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और कहा कि उसकी पत्नी नयना (42), बेटी 13 साल और बेटा 9 साल दो दिन से घर नहीं लौटे। उसने दावा किया कि वह सुबह ऑफिस गया और लौटकर देखा कि घर खाली है। पुलिस ने शुरुआत में इसे सामान्य गुमशुदगी मानकर जांच शुरू की, लेकिन खंभाला के बयान कई बार बदलते रहे, जिसने अधिकारियों को शक में डाल दिया।

पड़ोसियों से पूछताछ और मोबाइल लोकेशन की जांच के बाद पुलिस को महसूस हुआ कि मामला उतना सीधा नहीं है जितना बताया जा रहा था। जांच में एक जगह मिट्टी और रेत से भरा एक संदिग्ध गड्ढा मिला, और यहीं से इस रहस्य की कड़ी खुली। पुलिस के मुताबिक, खंभाला ने अपराध को बेहद सोची-समझी योजना के तहत अंजाम दिया था।

हत्या की रात: घर के भीतर हुआ खौफनाक खेल
एफआईआर के अनुसार, 5 नवंबर की रात को खंभाला ने परिवार के तीनों सदस्यों की हत्या कर दी। अनुमान है कि उसने पहले पत्नी को कमरे में बुलाया और तकिए से दबाकर उसकी सांस रोक दी। इसके बाद उसने अपनी 13 वर्षीय बेटी और 9 वर्षीय बेटे को भी उसी तरह मौत के घाट उतार दिया। पुलिस का कहना है कि तीनों की हत्या एक ही रात में की गई, जिससे यह साफ होता है कि खंभाला ने पूरी घटना पहले से ही तय कर रखी थी।

हत्या के बाद उसने शवों को छुपाने के लिए घर के नजदीक स्थित जगह पर करीब छह फुट गहरा गड्ढा तैयार किया था। हत्या के बाद उसने तीनों शवों को अलग-अलग रखा, उन पर भारी पत्थर रखे, फिर गड्ढे में डाल दिया। उसके ऊपर एक पुराना दरवाजा और कंबल रखा और अंत में उसे रेत से भर दिया ताकि कोई शक न कर सके।

जब पुलिस ने जांच में इस जगह को खंगाला, तो उन्हें मिट्टी के नीचे दबे शव मिले। इसी के साथ खंभाला की बनाई हुई कहानी ढह गई।

जुनून की कीमत: एक प्रेम संबंध ने छीना समूचा परिवार
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को पता चला कि खंभाला का अपनी सहकर्मी के प्रति प्रेम एकतरफा लगाव में बदल गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खंभाला अपनी पत्नी नयना से दूरी बनाना चाहता था, लेकिन परिवार उसका साथ नहीं छोड़ रहा था। उसे लगने लगा था कि पत्नी उसके करियर और निजी जिंदगी में बाधा बन रही है।

इंस्पेक्टर ने यह भी बताया कि जिस महिला अधिकारी को लेकर खंभाला इतना भावनात्मक रूप से जुड़ गया था, उसे यह तक नहीं पता था कि वह उसके प्रति कितना जुनूनी हो चुका है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या खंभाला मानसिक तनाव या किसी प्रकार की भावनात्मक अस्थिरता से गुजर रहा था।

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