By: Ravindra Sikarwar
Bhopal news: मध्यप्रदेश की राजनीति में नए साल की शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलें जोर पकड़ रही हैं। सरकार के दो वर्ष पूरे होने के बाद अब विस्तार और फेरबदल की संभावनाएं बढ़ गई हैं। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद यह प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है।
अमित शाह के दौरे से मिला संबल
पिछले महीने दिसंबर में ग्वालियर में आयोजित अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार की सराहना की थी। इस दौरे ने मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं को नई गति प्रदान की। बताया जाता है कि कुछ मौजूदा मंत्रियों को पार्टी हाईकमान से संकेत मिल चुके हैं, जिनमें विभागीय बदलाव या कैबिनेट से बाहर जाने की संभावना शामिल है। साथ ही, दिल्ली और भोपाल में सत्ता तथा संगठन के नेताओं की हालिया बैठकों को भी निगम-मंडलों की नियुक्तियों और कैबिनेट फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री के बयान और प्रदर्शन समीक्षा
हाल ही में सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियां बताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिमंडल विस्तार पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए शीघ्र फैसला लेने के इशारे दिए थे। उन्होंने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करने की भी बात कही, जिससे परफॉर्मेंस के आधार पर बदलाव की उम्मीद बढ़ गई है। इसके अलावा, तैयारियों का संकेत देते हुए गृह विभाग ने नए मंत्रियों के लिए वाहनों की व्यवस्था शुरू कर दी है, जो विस्तार की ओर इशारा कर रहा है।
विदेश यात्रा से पहले शपथ की उम्मीद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मकर संक्रांति के बाद 18 जनवरी को स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेने जाएंगे। वे वहां 23 जनवरी तक रहेंगे और मध्यप्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करेंगे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि समीकरण अनुकूल रहे तो विदेश रवाना होने से पहले ही नए मंत्रियों की शपथ हो सकती है। हालांकि, नए नामों या मौजूदा मंत्रियों के हटाए जाने पर किसी तरह का विरोध हुआ तो यह प्रक्रिया आगे खिसक सकती है।
ये बदलाव पार्टी के संगठनात्मक संतुलन, क्षेत्रीय समीकरण और प्रदर्शन को ध्यान में रखकर किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल, सभी की नजरें केंद्रीय नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
