Dhar: वसंत पंचमी पर व्यवस्था को लेकर याचिका
भोजशाला को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस बार विवाद की वजह वसंत पंचमी का शुक्रवार के दिन पड़ना है, जिसके चलते पूजा और नमाज को लेकर टकराव की आशंका जताई जा रही है।
Dhar: वसंत पंचमी और जुमे की नमाज का टकराव
23 जनवरी को वसंत पंचमी है और उसी दिन शुक्रवार भी है।
भोजशाला परिसर में परंपरागत रूप से हर शुक्रवार जुमे की नमाज होती है।
वसंत पंचमी पर हिंदू समाज सरस्वती पूजा करता है।
दोनों धार्मिक गतिविधियों के एक ही दिन पड़ने से विवाद गहरा गया है।
Dhar: सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई याचिका
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की है कि वसंत पंचमी के दिन भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज पर रोक लगाई जाए और केवल सरस्वती पूजा की अनुमति दी जाए।
संगठन का कहना है कि स्पष्ट आदेश न होने से तनाव की स्थिति बन सकती है।
ASI के पुराने आदेश पर उठे सवाल
याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के 7 अप्रैल 2003 के आदेश का हवाला दिया गया है।
इस आदेश के अनुसार, हिंदुओं को मंगलवार और वसंत पंचमी पर पूजा की अनुमति है, जबकि मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार दोपहर में नमाज की छूट दी गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि जब वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है, तब की स्थिति पर यह आदेश स्पष्ट नहीं है।
ऐतिहासिक दावे और धार्मिक महत्व
हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला परिसर में मां वाग्देवी यानी देवी सरस्वती का प्राचीन मंदिर स्थित है।
इस प्राचीन मंदिर का निर्माण परमार काल में हुआ था।
उनका कहना है कि ऐतिहासिक रूप से यहां हिंदू पूजा-अर्चना करते आए हैं।
अतः वसंत पंचमी पर पूजा की अनुमति दी जानी चाहिए।
सुरक्षा और जल्द सुनवाई की मांग
याचिका में अदालत से यह भी अनुरोध किया गया है कि वसंत पंचमी के दिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए जाएं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
समय की संवेदनशीलता को देखते हुए याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मामले की शीघ्र सुनवाई करने की अपील की है।
निष्कर्ष
भोजशाला से जुड़ा यह मामला धार्मिक आस्था और कानून-व्यवस्था दोनों से जुड़ा हुआ है।
अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट पर है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या फैसला करता है और क्या कोई अंतरिम आदेश जारी होता है।
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