Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

देवास जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत की गई सुनियोजित कार्रवाई में पुलिस ने करीब 11 लाख रुपये कीमत की एमडी (MD) ड्रग्स बरामद की है। इस कार्रवाई में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अपचारी बालक को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला मध्यप्रदेश–राजस्थान सीमा से जुड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है, जिसे लेकर पुलिस अब गहन पड़ताल में जुट गई है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कन्नौद और सतवास थाना क्षेत्रों में बीते कुछ समय से नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई की सूचनाएं लगातार मिल रही थीं। इनपुट के आधार पर पुलिस ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी थी और मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया था। इसी कड़ी में एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप बाइक के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए रणनीति तैयार की।

कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी और उप निरीक्षक राहुल रावत के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम गठित की गई। इस ऑपरेशन के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई गईं, जिन्हें संभावित रास्तों पर नाकाबंदी के निर्देश दिए गए। देर शाम नाकाबंदी के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर संदिग्ध तरीके से भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर दोनों को घेराबंदी कर रोक लिया।

पुलिस द्वारा की गई तलाशी में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों के पास से कुल 55 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त किए गए कुल सामान की कीमत करीब 11.70 लाख रुपये बताई जा रही है। मौके पर ही पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दूसरे के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर उसे अपचारी बालक के रूप में हिरासत में लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान नारायणसिंह पिता बोमेरसिंह, निवासी आंगरी, सुवासरा के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी एमपी–राजस्थान बॉर्डर से सटे गांवों में नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था। वह लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और सीमावर्ती इलाकों का फायदा उठाकर ड्रग्स की तस्करी कर रहा था। पुलिस को आरोपी के पास से ड्रग्स रखने या बेचने से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नहीं मिले हैं।

देवास पुलिस का कहना है कि यह केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि बड़े ड्रग नेटवर्क तक पहुंचने की दिशा में अहम कदम है। आरोपी के मोबाइल फोन और संपर्क सूत्रों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई जिलों तक फैले हो सकते हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी इसी तरह सघन अभियान चलाकर ड्रग माफिया पर लगातार दबाव बनाया जाएगा।

कुल मिलाकर, देवास पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़ी खेप को बाजार में पहुंचने से रोका है, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने की दिशा में भी एक मजबूत संदेश दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में इस अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े और कितने नाम सामने आते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *