Report by: Ishu Kumar
Deoghar : झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने देवघर में एक बड़ी सफलता हासिल की है। एसीबी की टीम ने जिला भू-अर्जन कार्यालय में दबिश देकर दो कर्मचारियों को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निरंजन कुमार और नुनदेव यादव के रूप में हुई है।
फाइलों को आगे बढ़ाने के बदले मांग रहे थे कमीशन
Deoghar जानकारी के मुताबिक, जिला भू-अर्जन कार्यालय में जमीन अधिग्रहण के बदले मिलने वाले मुआवजे और अन्य भुगतानों को लेकर लंबे समय से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि ये कर्मचारी अधिकारियों के नाम का डर दिखाकर लाभुकों से कुल राशि का 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन मांगते थे। जो लोग रिश्वत देने में असमर्थ थे, उनकी फाइलों को जानबूझकर अटका दिया जाता था, जिससे ग्रामीण और किसान बेहद परेशान थे।
जाल बिछाकर रंगे हाथ पकड़ा
Deoghar एक पीड़ित व्यक्ति ने इस भ्रष्टाचार की शिकायत एसीबी से की थी। ब्यूरो ने प्रारंभिक जांच में पाया कि शिकायत पूरी तरह सही है। इसके बाद एसीबी की टीम ने एक विशेष रणनीति तैयार की और जाल बिछाया। जैसे ही आरोपियों ने पीड़ित से रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से मुस्तैद एसीबी के अधिकारियों ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान जारी रहने की चेतावनी
Deoghar गिरफ्तारी के बाद दोनों कर्मचारियों को पूछताछ के लिए ले जाया गया है। इस कार्रवाई ने जिले के अन्य सरकारी विभागों में भी हड़कंप मचा दिया है। एसीबी के अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि:
- किसी भी सरकारी विभाग में कमीशनखोरी या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और रसूखदारों के नाम आने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
- आम नागरिक बिना किसी डर के भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
इस कार्रवाई से देवघर के आम नागरिकों में यह उम्मीद जगी है कि अब उनके जायज कामों के लिए सरकारी दफ्तरों में अवैध वसूली पर लगाम लगेगी।
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