by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुई कार बम विस्फोट की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गिरफ्तार संदिग्धों ने कबूल किया कि उन्होंने न केवल लाल किले की कई बार रेकी की थी, बल्कि 26 जनवरी 2026 के गणतंत्र दिवस परेड के दौरान बड़े पैमाने पर आतंकी हमले की योजना बनाई थी। यह साजिश पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के इशारे पर रची गई थी। विस्फोट में 11 लोगों की मौत और 28 घायल होने के बाद यह खुलासा हुआ कि यह सिर्फ शुरुआत था – मुख्य टारगेट गणतंत्र दिवस पर हजारों लोगों की भीड़ थी। एनआईए ने फरीदाबाद और दिल्ली से 5 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 सरगना पाकिस्तान भाग चुके हैं।
साजिश की पूरी डिटेल:
एनआईए सूत्रों के अनुसार:
- रेकी का तरीका: संदिग्धों ने अक्टूबर 2025 से लाल किले, जामा मस्जिद और चांदनी चौक इलाके की रेकी शुरू की। वे पर्यटकों के भेष में घूमते थे और ड्रोन का इस्तेमाल कर वीडियो बनाते थे।
- गणतंत्र दिवस प्लान: 26 जनवरी को परेड के दौरान कई कार बम और सुसाइड अटैक की योजना थी। लाल किला रोड पर वीवीआईपी मूवमेंट को टारगेट करने के लिए 5 कारों में आरडीएक्स भरकर खड़ा करने का इरादा था।
- 10 नवंबर का धमाका: यह ‘ट्रायल रन’ था। कार में 15 किलो आरडीएक्स भरा गया था, जो टाइमर से ब्लास्ट हुआ। असल प्लान में 50 किलो तक विस्फोटक इस्तेमाल होना था।
- फंडिंग और ट्रेनिंग: पाकिस्तान से व्हाट्सएप और सिग्नल ऐप के जरिए निर्देश मिलते थे। फंडिंग हवाला और क्रिप्टोकरेंसी से हुई। संदिग्धों को कश्मीर में ट्रेनिंग दी गई थी।
गिरफ्तार संदिग्ध:
- मोहम्मद अली (फरीदाबाद मॉड्यूल हेड) – रेकी का मास्टरमाइंड।
- रिजवान अहमद – कार में विस्फोटक भरने वाला।
- तीन अन्य लोकल हैंडलर।
पाक भागे: जैश कमांडर अब्दुल रऊफ और हांडलर मुदस्सिर।
जांच में मिले सबूत:
- सीसीटीवी फुटेज: संदिग्धों को लाल किले के आसपास 5 बार स्पॉट किया गया।
- मोबाइल डेटा: लोकेशन हिस्ट्री से रेकी कन्फर्म।
- विस्फोटक: कार के अवशेषों से आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट बरामद।
- चैट्स: एनक्रिप्टेड ऐप्स से जैश से लिंक।
एनआईए ने 10 टीमों का गठन किया है, जो यूपी, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में छापे मार रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की चूक?
सूत्रों का कहना है कि इंटेलिजेंस को अक्टूबर में ही अलर्ट मिला था कि जैश गणतंत्र दिवस टारगेट कर रहा है, लेकिन स्पेसिफिक लोकेशन नहीं पता थी। दिल्ली पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं कि लाल किला जैसे सेंसिटिव एरिया में रेकी कैसे हो गई। गृह मंत्रालय ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई है।
देशव्यापी अलर्ट और प्रभाव:
- सुरक्षा बढ़ाई: गणतंत्र दिवस तैयारी रद्द, दिल्ली में ड्रोन बैन, सभी मेट्रो स्टेशन पर चेकिंग।
- राजनीतिक प्रतिक्रिया: पीएम मोदी ने कहा, “आतंकियों को कुचल देंगे।” राहुल गांधी: “इंटेलिजेंस फेलियर की जांच हो।”
- पिछले हमले याद: 2001 संसद हमला, 2019 पुलवामा – जैश का पैटर्न।
- अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: पाकिस्तान को डोजियर सौंपा जाएगा।
विशेषज्ञों की राय:
- रिटायर्ड आईबी ऑफिसर: “यह 26/11 जैसा मल्टीपल अटैक प्लान था। ट्रायल ब्लास्ट से बच गए हम।”
- साइबर एक्सपर्ट: “एनक्रिप्टेड ऐप्स से ट्रैकिंग मुश्किल, लेकिन अब सिग्नल पर बैन की मांग।”
बचाव के उपाय:
- नागरिकों से अपील: संदिग्ध वाहन या व्यक्ति देखें तो तुरंत 112 डायल करें।
- गणतंत्र दिवस: वर्चुअल परेड पर विचार।
- हेल्पलाइन: एनआईए टिपलाइन 011-24368800।
यह साजिश नाकाम हुई, लेकिन अलर्ट बना हुआ है। दिल्ली विस्फोट ने दिखा दिया कि आतंक का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ। जांच जारी, जल्द और गिरफ्तारियां संभव। शहीदों को श्रद्धांजलि।
