Delhi Blast: मास्टरमाइंड की खतरनाक योजना और दूसरे हमलावर की कहानी
दिल्ली में हुए धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सुरक्षा एजेंसियों के सामने उमर नबी का नाम एक अहम साजिशकर्ता के रूप में उभरा। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह न केवल हमले की योजना में शामिल था, बल्कि नेटवर्क खड़ा करने और लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश भी कर रहा था।
Delhi Blast: कट्टर सोच से भर्ती तक का सफर
जांच में सामने आया कि उमर नबी ने कमजोर और भटके हुए युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें कट्टर विचारधारा की ओर मोड़ने की कोशिश की।
वह व्यक्तिगत संपर्क, भावनात्मक बातचीत और भ्रामक दावों के जरिए युवाओं को अपने साथ जोड़ता था।
इसी प्रक्रिया के तहत उसने एक दूसरे युवक को भी हमले के लिए तैयार किया।
Delhi Blast: दूसरे हमलावर की भूमिका और असफलता
सूत्रों के मुताबिक, उमर नबी द्वारा तैयार किया गया दूसरा हमलावर साजिश का अहम हिस्सा माना जा रहा था।
हालांकि, परिस्थितियों और सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता के चलते यह योजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी।
जांच के दौरान पता चला कि यह दूसरा व्यक्ति किसी स्तर पर योजना से अलग हो गया, जिससे साजिश को बड़ा झटका लगा।
सुरक्षा एजेंसियों की जांच और खुलासे
दिल्ली ब्लास्ट के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक जांच शुरू की।
कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल सबूत और पूछताछ के आधार पर उमर नबी की भूमिका स्पष्ट होती गई।
जांच में यह भी सामने आया कि साजिश को अंजाम देने से पहले ही नेटवर्क में दरारें पड़ने लगी थीं।
आतंकी नेटवर्क को लगा बड़ा झटका
दूसरे हमलावर के पीछे हटने और समय रहते सुराग मिलने से सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी नेटवर्क तक पहुंचने का मौका मिला। इससे न केवल हमले की पूरी सच्चाई सामने आई, बल्कि भविष्य में होने वाली संभावित घटनाओं को रोकने में भी मदद मिली।
निष्कर्ष
दिल्ली ब्लास्ट मामले में उमर नबी की साजिश यह दिखाती है कि किस तरह आतंकी तत्व युवाओं को बहकाकर हिंसा की राह पर ले जाने की कोशिश करते हैं। हालांकि, समय पर की गई कार्रवाई और सतर्कता से एक बड़े खतरे को टाल लिया गया।
जो सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता को दर्शाता है।
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