By: Yogendra Singh
Dantewada : जिले के बड़े बचेली क्षेत्र में एक हाई स्कूल के खेल मैदान पर हेलीपेड निर्माण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने ग्रामसभा की अनुमति लिए बिना और बिना पूर्व सूचना के जेसीबी मशीन लगाकर जबरदस्ती निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इससे पहले विरोध के चलते काम रोक दिया गया था, लेकिन शनिवार को पुनः निर्माण कार्य शुरू होने के बाद विवाद और बढ़ गया।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत को विश्वास में लिए बिना ही काम शुरू किया गया, जबकि उनकी आपत्ति के बावजूद पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण जारी रहा। इस कदम को ग्रामीणों ने अनुचित और गैरकानूनी बताया।
सरपंच और पंचों ने इस्तीफा देने की घोषणा
Dantewada ग्रामीणों की मांगों को नजरअंदाज करने के बाद, बड़े बचेली के सरपंच और सभी 17 वार्ड पंचों ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उनका कहना है कि जब तक ग्रामसभा की सहमति नहीं ली जाती, तब तक हेलीपेड निर्माण स्वीकार नहीं होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यह विरोध केवल खेल मैदान और शिक्षा संस्थान की सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि स्थानीय प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए भी है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से कई बार बातचीत की, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया।
प्रशासन का पक्ष और भविष्य की दिशा
Dantewada प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीणों की आपत्तियों का समाधान किया जाएगा और हेलीपेड का निर्माण इस तरह से किया जा रहा है कि मैदान के मूल स्वरूप में कोई बड़ा बदलाव न आए। अधिकारियों का दावा है कि बच्चों की खेल गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी और स्थानीय प्रशासन संवाद के जरिए स्थिति को संतुलित करने का प्रयास कर रहा है।
हालांकि, घंटों चली बहस के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। ग्रामीणों ने अपनी स्थिति मजबूत रखते हुए वापसी की, लेकिन जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे से मामला और गंभीर हो गया है। अब देखना यह है कि प्रशासन और ग्रामीण समुदाय के बीच इस हेलीपेड निर्माण विवाद पर किस प्रकार सहमति बनती है।
इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय विकास परियोजनाओं में ग्रामीणों की भागीदारी और सहमति बेहद आवश्यक है, अन्यथा प्रशासन और जनता के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
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