By: Ravindra Sikarwar
रायपुर के हीरापुर सतनामी पारा में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां ढाई साल के एक मासूम बच्चे की हत्या उसके ही सौतेले पिता ने कर दी। यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करती है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि किस तरह कुछ लोग अपनी जिंदगी के फैसलों का बोझ उन निर्दोष बच्चों पर डाल देते हैं, जिनका किसी भी विवाद या रिश्ते से कोई लेना-देना नहीं होता।
मृतक मासूम प्रशांत सेन, जिसकी उम्र महज 2 साल 7 महीने थी, अपने सौतेले पिता और मां के साथ हीरापुर इलाके में रहता था। परिजनों और पड़ोसियों की शिकायत के बाद बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया। रिपोर्ट में जो सच सामने आया, उसने हर किसी को झकझोर दिया—बच्चे की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि उसकी बेरहमी से पिटाई की गई थी। पोस्टमार्टम में स्पष्ट रूप से हत्या की पुष्टि हुई।
लव मैरिज के बाद शुरू हुआ विवाद
मामले की जांच में पता चला कि आरोपी युवक ने तीन बच्चों की मां से प्रेम विवाह किया था। महिला पहले से ही तीन बच्चों की मां थी, जिनमें से दो बच्चे अपने जैविक पिता के पास रह रहे थे, जबकि प्रशांत—सबसे छोटा बच्चा—उसके साथ रहने लगा था। बताया जा रहा है कि आरोपी को इस बच्चे से बेहद चिढ़ थी। वह बच्चे को अपने वैवाहिक जीवन के बीच रुकावट के रूप में देखता था।
महिला ने भी कई बार अपनी परेशानियां आसपास के लोगों से साझा की थीं, जिसमें बताया गया था कि आरोपी बच्चे की मौजूदगी से खुश नहीं है और वह उसे अपने परिवार का हिस्सा नहीं मानता। लेकिन इस असहमति और तनाव का जो अंत हुआ, वह किसी के भी कल्पना से परे था।
बच्चे को रास्ते से हटाने की नीयत
जांच अधिकारियों ने बताया कि आरोपी और उसकी पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता था, जिसमें अक्सर बच्चे को लेकर बहस छिड़ जाती थी। आरोपी का मानना था कि प्रशांत के रहते उनकी जिंदगी खराब हो रही है। धीरे-धीरे यह नाराजगी क्रूरता में बदल गई।
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन आरोपी ने बच्चे को बुरी तरह पीटा। जब बच्चा बेहोश हो गया, तब भी उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। बाद में उसकी हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम में खुला सच
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले। चोटें पुरानी भी थीं और नई भी, जिससे पुलिस को शक हुआ कि यह एक दिन की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही प्रताड़ना थी। पेट, पीठ और सिर पर गंभीर चोटों ने पुलिस को इस निष्कर्ष पर पहुंचाया कि यह हादसा नहीं, बल्कि योजनाबद्ध हत्या है।
इसके बाद पुलिस ने सौतेले पिता को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार भी कर लिया। पुलिस ने बच्चे की मां को भी हिरासत में लिया है, क्योंकि शुरुआती जांच में पता चला कि वह भी पूरी घटना से वाकिफ थी और कई बार बच्चे पर होने वाली मारपीट को छिपाती रही।
पड़ोसियों का आरोप—बच्चे पर पहले भी हाथ उठाता था आरोपी
स्थानीय लोगों ने बताया कि वह कई बार बच्चे को मारते हुए देखा गया था। कई पड़ोसी महिला को भी समझाते थे कि वह बच्चे को सुरक्षित रखे। लेकिन वह सहमति जताने के बावजूद किसी भी कार्रवाई से बचती रही। शायद वह भी अकेले पड़ जाने या शादी टूटने के डर से सच्चाई छिपाती रही।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मामला
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302 (हत्या) सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। बच्चे की मां की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस की मानें तो यह मामला घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और हत्यारे की गलत सोच का मिला-जुला परिणाम है।
मासूम की मौत, समाज के लिए सवाल
प्रशांत जैसे मासूमों का कोई दोष नहीं होता। वे तो सिर्फ प्यार और देखभाल चाहते हैं। लेकिन कई बार रिश्तों की जटिलताएं, निजी अहंकार और मानसिक विकार ऐसे निर्दोषों की जिंदगी छीन लेते हैं।
यह मामला न केवल हत्या की एक घटना है, बल्कि यह समाज और व्यवस्था के सामने एक सवाल भी है—
हम ऐसे मासूमों की रक्षा कब और कैसे कर पाएंगे, जो स्वयं अपनी सुरक्षा की मांग भी नहीं कर सकते?
रायपुर पुलिस ने कहा है कि न्याय सुनिश्चित किया जाएगा, पर इस मासूम के लिए न्याय शायद बहुत देर से आया।
