By: Ravindra Sikarwar
एसएस राजामौली की आने वाली फिल्म ‘वाराणसी’ का टाइटल जिस भव्यता और बड़े स्तर पर लॉन्च किया गया था, उसी तीव्रता से यह अब विवादों में घिर गया है, क्योंकि प्रमोशनल पोस्टरों और शुरुआती विजुअल सामग्री में फिल्म का नाम दो अलग-अलग तरीकों से—“Varanasi” और “Vaaranasi”—दिखाई देने के बाद धार्मिक, सांस्कृतिक और भाषाई पहचान से जुड़े कई समूहों ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि भारत की प्राचीन, पवित्र और ऐतिहासिक नगरी वाराणसी के नाम को गलत या भ्रामक ढंग से पेश करना उसकी सांस्कृतिक विरासत के साथ खिलवाड़ है और अगर फिल्म की कहानी या प्रस्तुति में शहर की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली कोई बात सामने आती है, तो टाइटल को लेकर यह भ्रम और अधिक आपत्तिजनक हो सकता है। टाइटल के दो स्पेलिंग्स सामने आने के बाद कई संगठनों ने इस पर तत्काल स्पष्टता की मांग की, वहीं कुछ समूहों ने इसे जानबूझकर उठाया गया प्रचारात्मक कदम बताया, ताकि विवाद के जरिए फिल्म की शुरुआती चर्चा तेज़ हो सके। इसी मुद्दे को लेकर राजामौली के खिलाफ एक पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गलत स्पेलिंग के ज़रिए शहर की धार्मिक पहचान और ऐतिहासिक महत्व को तोड़ा-मरोड़ा जा रहा है। फिल्म निर्माता टीम की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उद्योग सूत्रों का कहना है कि यदि विवाद और बढ़ा तो राजामौली को टाइटल बदलने पर भी विचार करना पड़ सकता है, क्योंकि इससे फिल्म के भविष्य के प्रचार, बजट, सेंसर प्रक्रियाओं और रिलीज़ प्लान पर असर पड़ सकता है।
उधर, मनोरंजन जगत के दूसरे हिस्से में भी हलचल जारी है। चर्चाएँ तेज़ हैं कि ‘बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ नामक प्रोजेक्ट से समीर वानखेड़े से जुड़ा एक सीन हटाया जा सकता है, क्योंकि इस पर कानूनी और नैतिक आपत्तियाँ उठ रही हैं। कहा जा रहा है कि यह सीन न केवल विवादित है बल्कि कुछ संवेदनशील तत्वों को इस रूप में दिखाया गया है जिससे गलतफहमियाँ पैदा हो सकती हैं, और प्रोडक्शन हाउस अपने ऊपर किसी प्रकार का कानूनी खतरा नहीं लेना चाहता। इसी समय एक और फिल्म ‘धुरंधर’ भी चर्चा में है, जिस पर कहानी की नकल (plagiarism) के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इंडस्ट्री में यह आरोप नया नहीं, लेकिन इस बार मामला इसलिए गर्म है क्योंकि कथित रूप से जिस रचना की नकल की गई है, वह पहले से प्रकाशित और कॉपीराइटेड सामग्री मानी जा रही है। हालांकि निर्माताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि फिल्म की कहानी पूरी तरह मौलिक है और किसी बाहरी रचना से प्रेरित नहीं है। इन तमाम घटनाओं के बीच फ़िल्म जगत में ताज़ा माहौल कुछ तनावपूर्ण है, क्योंकि एक तरफ बड़े निर्देशक राजामौली अपने टाइटल विवाद में उलझे हुए हैं, दूसरी तरफ अन्य प्रोजेक्ट भी कानूनी सवालों के घेरे में आ रहे हैं। दर्शक इन सभी मामलों को ध्यान से देख रहे हैं और सोशल मीडिया पर बहस और तेज़ होती जा रही है। आने वाले दिनों में राजामौली की टीम की प्रतिक्रिया, पुलिस शिकायत पर कार्रवाई और अन्य फिल्मों से जुड़े निर्णय यह तय करेंगे कि इन विवादों का असर आगे इंडस्ट्री पर कितना गहरा पड़ता है।
