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Controversy: महिलाओं से जुड़े विवादित बयान की पृष्ठभूमि और टाइमिंग की हो रही गहन जांच

Controversy: मध्यप्रदेश कांग्रेस के विधायक फूलसिंह बरैया द्वारा महिलाओं को लेकर दिए गए एक विवादित बयान ने पार्टी के भीतर हलचल मचा दी है।

यह मामला उस समय सामने आया, जब 17 जनवरी को लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर दौरे पर थे।

बयान के सार्वजनिक होने के समय और राजनीतिक माहौल को देखते हुए कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की जांच कराने का फैसला लिया है।

हालांकि अब तक पार्टी की ओर से कोई औपचारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

Controversy: बयान की टाइमिंग पर कांग्रेस को संदेह

कांग्रेस नेतृत्व इस बात से हैरान है कि जिस दिन राहुल गांधी भागीरथपुरा क्षेत्र में जान गंवाने वालो के परिजनों से मिलने पहुंचे।

उसी दिन विधायक बरैया का बयान मीडिया में प्रमुखता से सामने आया।

खबर सामने आयी है की, एक यूट्यूब चैनल के माध्यम से इसे प्रसारित किया गया।

जिसकी रिकॉर्डिंग राहुल गांधी के दौरे से करीब तीन दिन पहले की गई थी।

ऐसे में पार्टी यह जांच कर रही है कि बयान को उसी दिन सामने लाना महज संयोग था।

कही इसके पीछे कोई सोची-समझी रणनीति काम तो नहीं कर रही।

Controversy: प्रदेश नेतृत्व से मांगी गई रिपोर्ट

कांग्रेस हाईकमान ने मामले में मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी सहित वरिष्ठ नेताओं से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

जांच का फोकस इस बात पर है कि बयान के प्रसार के पीछे कौन जिम्मेदार है।

क्या इसमें पार्टी के भीतर किसी गुट या नेता की भूमिका रही है।

यह भी देखा जा रहा है कि कहीं विधायक बरैया किसी राजनीतिक चाल या विपक्ष की रणनीति के शिकार तो नहीं हुए।

पार्टी के भीतर बढ़ी हलचल

विवादित बयान के बाद कांग्रेस संगठन के अंदर बेचैनी साफ नजर आ रही है।

पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि यह पूरा मामला आंतरिक गुटबाजी का नतीजा हो सकता है।

यदि ऐसा है, तो सवाल यह भी उठता है कि राहुल गांधी जैसे शीर्ष नेता के दौरे पर विवाद खड़ा करना किसके हित में था।

जांच के नतीजों पर टिकी नजरें

फिलहाल प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और केंद्रीय नेतृत्व से जुड़ी टीम इस पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर रही है। पार्टी नेतृत्व यह स्पष्ट करना चाहता है कि विवाद एक बयान तक सीमित है या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक साजिश छिपी हुई है।

जांच के निष्कर्षों के बाद ही आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय लिए जाने की संभावना है।

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