by-Ravindra Sikarwar
चाय और सिगरेट का एक साथ सेवन करना भारत में कई लोगों की आदत का हिस्सा बन चुका है। सुबह की चाय के साथ सिगरेट का कश लेना या दिनभर में कई बार इन दोनों का संयोजन कुछ लोगों के लिए रोजमर्रा की बात हो सकती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आदत आपके शरीर को किस तरह प्रभावित करती है? विशेषज्ञों के अनुसार, चाय और सिगरेट का एक साथ सेवन न केवल आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इस लेख में हम इस संयोजन के शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को विस्तार से समझेंगे और यह भी जानेंगे कि इसे क्यों छोड़ना जरूरी है।
चाय और सिगरेट में मौजूद तत्व:
चाय में कैफीन, टैनिन, और एंटीऑक्सिडेंट्स जैसे पॉलीफेनॉल्स पाए जाते हैं। कैफीन एक उत्तेजक (Stimulant) है, जो मस्तिष्क को सक्रिय करता है और थकान को कम करता है। दूसरी ओर, सिगरेट में निकोटीन, टार, कार्बन मोनोऑक्साइड और 7,000 से अधिक हानिकारक रसायन होते हैं, जिनमें से कई कैंसर का कारण बनते हैं। जब इन दोनों का एक साथ सेवन किया जाता है, तो इनके रासायनिक तत्व एक-दूसरे के साथ मिलकर शरीर पर जटिल प्रभाव डालते हैं।
चाय और सिगरेट के एक साथ सेवन के प्रभाव:
- हृदय और रक्त वाहिकाओं पर असर: चाय में मौजूद कैफीन और सिगरेट में मौजूद निकोटीन दोनों ही हृदय गति और रक्तचाप को बढ़ाते हैं। जब ये दोनों एक साथ लिए जाते हैं, तो हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर, अनियमित धड़कन (Arrhythmia), और लंबे समय में हृदय रोगों जैसे दिल के दौरे या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। निकोटीन रक्त वाहिकाओं को संकुचित करता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है, और कैफीन इस प्रभाव को और तेज कर देता है।
- पाचन तंत्र पर प्रभाव: चाय में टैनिन होता है, जो पाचन को प्रभावित कर सकता है और पेट में अम्लता (Acidity) पैदा कर सकता है। जब इसे सिगरेट के साथ लिया जाता है, तो निकोटीन और अन्य रसायन पेट की परत को और नुकसान पहुंचाते हैं। इससे गैस्ट्राइटिस, अल्सर, और गैस की समस्या बढ़ सकती है। लंबे समय तक ऐसा करने से पेट और आंतों में कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। सिगरेट का धुआं मुंह और गले की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, और चाय की गर्माहट इस नुकसान को और गंभीर बना सकती है।
- नर्वस सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव: कैफीन और निकोटीन दोनों ही सेंट्रल नर्वस सिस्टम को उत्तेजित करते हैं। एक साथ लेने पर ये मस्तिष्क में डोपामाइन के स्तर को असामान्य रूप से बढ़ा देते हैं, जिससे तनाव, चिंता, और नींद की कमी की समस्या हो सकती है। समय के साथ यह आदत व्यक्ति को इन दोनों पदार्थों का आदी बना सकती है, जिससे छोड़ना और भी मुश्किल हो जाता है।
- कैंसर का बढ़ता जोखिम: सिगरेट में मौजूद टार और अन्य कार्सिनोजेनिक रसायन पहले से ही मुंह, गले, फेफड़ों और पेट के कैंसर का कारण बनते हैं। चाय, खासकर गर्म चाय, जब सिगरेट के साथ ली जाती है, तो यह मुंह और गले की कोशिकाओं को और अधिक संवेदनशील बना देती है। गर्म पेय और सिगरेट के धुएं का संयोजन ऊतकों को जलन पहुंचाता है, जिससे कैंसर कोशिकाओं के विकास की संभावना बढ़ जाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, तंबाकू से होने वाले 90% फेफड़े के कैंसर और 70% मुंह के कैंसर के मामलों में सिगरेट की भूमिका होती है।
- फेफड़ों को नुकसान: सिगरेट का धुआं फेफड़ों को सीधे नुकसान पहुंचाता है, जिससे क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), ब्रॉन्काइटिस और अस्थमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं। चाय में मौजूद कुछ यौगिक, जैसे थिओफिलाइन, सांस की नलियों को खोलने में मदद करते हैं, लेकिन सिगरेट के साथ लेने पर यह लाभ निष्प्रभावी हो जाता है। सिगरेट का धुआं फेफड़ों की कोशिकाओं को नष्ट करता है, और चाय इस नुकसान को कम करने में कोई मदद नहीं करती।
- पोषक तत्वों का अवशोषण कम होना: चाय में टैनिन आयरन और अन्य पोषक तत्वों के अवशोषण को कम करता है। सिगरेट में मौजूद रसायन शरीर में विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सिडेंट्स को नष्ट करते हैं। इन दोनों का एक साथ सेवन करने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे कमजोरी, थकान, और रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है।
वैज्ञानिक अध्ययन क्या कहते हैं?
हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि चाय और सिगरेट का एक साथ सेवन करने से हृदय रोगों का जोखिम 30% तक बढ़ जाता है। एक अध्ययन, जो जर्नल ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन में प्रकाशित हुआ, बताता है कि कैफीन और निकोटीन का संयोजन रक्तचाप को अचानक बढ़ा देता है, जिससे धमनियों में तनाव बढ़ता है। इसके अलावा, इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक शोध में पाया गया कि गर्म पेय और तंबाकू का संयोजन मुंह के कैंसर के जोखिम को 2-3 गुना बढ़ा देता है।
सामाजिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव:
चाय और सिगरेट का एक साथ सेवन न केवल शारीरिक, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है। यह आदत व्यक्ति को सामाजिक मेलजोल में सिगरेट की गंध और धुएं के कारण असहज बना सकती है। साथ ही, निकोटीन और कैफीन की लत व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर कर सकती है, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है।
इस आदत को कैसे छोड़ें?
- जागरूकता बढ़ाएं: सबसे पहले, इस संयोजन के नुकसानों को समझें। अपने स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राथमिकता दें।
- चाय के विकल्प चुनें: गर्म चाय की जगह हर्बल टी, ग्रीन टी, या नींबू पानी जैसे पेय आजमाएं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं।
- सिगरेट छोड़ने का प्रयास: निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी (जैसे पैच या गम), काउंसलिंग, या डॉक्टर की सलाह से सिगरेट छोड़ने की कोशिश करें।
- स्वस्थ आदतें अपनाएं: योग, ध्यान, और व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ये तनाव कम करने में मदद करते हैं, जिससे सिगरेट की जरूरत कम होती है।
- सहायता लें: परिवार, दोस्तों, या समर्थन समूहों से मदद लें। भारत में कई हेल्पलाइन नंबर, जैसे क्विटलाइन (1800-11-2356), तंबाकू छोड़ने में सहायता प्रदान करते हैं।
चाय और सिगरेट का एक साथ सेवन एक ऐसी आदत है, जो शुरुआत में हल्की लग सकती है, लेकिन लंबे समय में यह आपके शरीर को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। हृदय रोग, कैंसर, पाचन समस्याएं, और मानसिक स्वास्थ्य पर इसके दुष्प्रभाव इसे एक खतरनाक संयोजन बनाते हैं। यदि आप इस आदत के आदी हैं, तो समय रहते इसे छोड़ने की दिशा में कदम उठाएं। अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और एक स्वस्थ, लंबा जीवन जीने के लिए सही निर्णय लें।
नोट: यदि आपको इस आदत को छोड़ने में कठिनाई हो रही है, तो किसी चिकित्सक या विशेषज्ञ से संपर्क करें। आपका स्वास्थ्य आपके हाथ में है।
