by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सांसद इमरान मसूद ने एक पॉडकास्ट चर्चा के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायक भगत सिंह की तुलना फिलिस्तीनी सशस्त्र समूह हमास से कर दी, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई है। मसूद ने दावा किया कि भगत सिंह और हमास दोनों ही अपनी जमीन हासिल करने के लिए संघर्षरत थे, जिसे भाजपा ने भारत के शहीदों का अपमान बताते हुए निशाना बनाया। यह बयान 2023 में इजरायल पर हमास के हमलों की चर्चा के बीच आया, जहां मसूद ने हमास को ‘आतंकवादी’ करार देने पर सवाल उठाए। विपक्षी दल ने इसे ‘आतंकवाद की वैचारिक समर्थन’ का उदाहरण ठहराते हुए कांग्रेस पर हमला बोला, जबकि पार्टी ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बयान का पूरा संदर्भ:
पॉडकास्ट में इजरायल-हमास संघर्ष पर बहस के दौरान मसूद से जब हमास को आतंकी संगठन बताने पर सवाल किया गया, तो उन्होंने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “क्या भगत सिंह भी आतंकवादी थे?” जब उनसे भगत सिंह और हमास के बीच समानता पर स्पष्टिकरण मांगा गया, तो मसूद ने हामी भरी और जोर देकर कहा, “वे अपनी धरती के लिए लड़ रहे हैं। भगत सिंह ने अपनी मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। इजरायल कब्जा करने वाला है।” उन्होंने आगे तर्क दिया कि हमास स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहा है, और इजरायल द्वारा 1 लाख से अधिक फिलिस्तीनियों की हत्या को नजरअंदाज न किया जाए, जबकि हमास के 250 बंधकों पर फोकस हो रहा है।
यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां #ImranMasoodHamas ट्रेंड करने लगा। मसूद, जो सहारनपुर से लोकसभा सांसद हैं, पहले भी अपने विवादास्पद बयानों के लिए चर्चा में रहे हैं, लेकिन इस बार यह तुलना राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रतीक भगत सिंह को लेकर अतिसंवेदनशील साबित हुई। पॉडकास्ट में मसूद की उत्तेजित प्रतिक्रिया ने बहस को और गरमा दिया, जहां उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ भगत सिंह के कार्यों को हमास के फिलिस्तीनी संघर्ष से जोड़ दिया।
भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया:
भाजपा ने इस बयान को ‘आतंकी समूहों की महिमा’ बताते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला किया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “बोटी-बोटी इमरान मसूद ने भगत सिंह जी की तुलना हमास से कर दी। यह सभी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। कांग्रेस और वामपंथी आतंकी संगठनों की प्रशंसा करते हैं और गांधी परिवार को ऊंचा दिखाने के लिए हमारे नायकों को कमतर करते हैं। पहले कन्हैया कुमार ने भगत सिंह की तुलना लालू यादव से की थी।” पूनावाला ने इसे ‘इंडिया गठबंधन की मानसिकता’ का हिस्सा बताया, जो राष्ट्रीय गौरव को ठेस पहुंचाती है।
भाजपा नेताओं ने मांग की है कि कांग्रेस मसूद को पार्टी से निष्कासित करे और उनके बयान की निंदा करे। उन्होंने कहा कि भगत सिंह जैसे शहीदों की स्मृति को आतंकवाद से जोड़ना अस्वीकार्य है, और यह इजरायल-फिलिस्तीन विवाद को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम से गलत तरीके से जोड़ने का प्रयास है। विपक्ष ने कांग्रेस को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा पर संवेदनशीलता की कमी’ का आरोप लगाया।
कांग्रेस का रुख और राजनीतिक पृष्ठभूमि:
कांग्रेस पार्टी ने अब तक इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन आंतरिक स्रोतों के अनुसार, उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा हो रही है। मसूद, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर से जीतकर आए थे, पहले भी 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बोटी-बोटी काटने’ की धमकी देकर सुर्खियों में आए थे। हाल ही में उनकी बेटी हिबा मसूद के साथ दिवाली मनाने का वीडियो वायरल होने पर कुछ कट्टरपंथी समूहों ने आलोचना की थी, लेकिन यह नया बयान राजनीतिक विवाद को नई ऊंचाई दे रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान कांग्रेस की विदेश नीति और आंतरिक एकता पर सवाल खड़े कर सकता है, खासकर जब इजरायल-हमास संघर्ष वैश्विक स्तर पर संवेदनशील बना हुआ है। सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं—कुछ ने इसे ‘ऐतिहासिक तुलना’ बताया, तो अधिकांश ने भगत सिंह का अपमान करार दिया।
विवाद की आग में राजनीति:
यह घटना भारतीय राजनीति में ध्रुवीकरण को और गहरा कर रही है, जहां ऐतिहासिक नायकों को समसामयिक संघर्षों से जोड़ना जोखिम भरा साबित हो रहा है। भाजपा ने इसे कांग्रेस की ‘आतंकवाद समर्थक छवि’ मजबूत करने का हथियार बना लिया है, जबकि विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बता सकता है। अब सारी नजरें कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर हैं, जो इस विवाद को शांत कर पाएगी या नहीं।
