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by-Ravindra Sikarwar

माले (मालदीव): हिंद महासागर की इस खूबसूरत द्वीप श्रृंखला ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। शनिवार, 1 नवंबर 2025 से मालदीव ने 1 जनवरी 2007 या उसके बाद जन्मे सभी व्यक्तियों के लिए तंबाकू उत्पादों पर देशव्यापी प्रतिबंध लागू कर दिया है। यह कदम न केवल मालदीव को दुनिया का पहला ऐसा देश बनाता है जो पीढ़ीगत तंबाकू निषेध को अमल में ला रहा है, बल्कि यह युवा पीढ़ी को धूम्रपान की लत से पूरी तरह मुक्त रखने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, यह प्रतिबंध मालदीव के निवासियों और पर्यटकों दोनों पर लागू होगा, जो इस पर्यटन-प्रधान राष्ट्र की लग्जरी छवि को स्वास्थ्य-सचेत बनाने की कोशिश का हिस्सा है।

प्रतिबंध का दायरा: हर रूप के तंबाकू पर सख्ती
स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2007 के बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति को मालदीव में तंबाकू उत्पाद खरीदने, उपयोग करने या बेचने की अनुमति नहीं होगी। यह नियम सिगरेट, बीड़ी, चबाने वाले तंबाकू, हुक्का और अन्य सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों पर लागू होता है। दुकानदारों को बिक्री से पहले खरीदार की उम्र की सत्यापन अनिवार्य रूप से करनी होगी। यदि उम्र को लेकर कोई संदेह हो, तो बिना पहचान पत्र या अन्य प्रमाण की जांच के बिक्री निषिद्ध है। यह प्रतिबंध मालदीव के 1,192 प्रवाल द्वीपों पर समान रूप से लागू होगा, जहां पर्यटक भी इस नियम का पालन करने को बाध्य होंगे।

मंत्रालय का कहना है कि अस्वास्थ्यकर जीवनशैली से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं, जैसे फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग और श्वसन विकार, देश में तेजी से बढ़ रही हैं। इसलिए, रोकथाम, जन जागरूकता और प्रणालीगत सहायता के माध्यम से स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने और चिकित्सा व्यय को कम करने की आवश्यकता है। इस प्रतिबंध से न केवल नई पीढ़ी को तंबाकू की गिरफ्त से बचाया जाएगा, बल्कि मौजूदा धूम्रपान करने वालों के लिए भी छोड़ने की प्रेरणा मिलेगी। मालदीव सरकार ने धूम्रपान-विरोधी क्लिनिक स्थापित करने की योजना भी बनाई है, जहां दवाओं और परामर्श के जरिए लोगों को तंबाकू छोड़ने में मदद की जाएगी।

ई-सिगरेट और वाष्पीकरण उपकरणों पर पहले से सख्ती:
यह नया प्रतिबंध मालदीव की तंबाकू-विरोधी नीतियों की एक कड़ी है। पिछले साल 15 नवंबर से ही ई-सिगरेट और वाष्पीकरण (वापिंग) उत्पादों के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगा हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सभी उम्र के व्यक्तियों के लिए ई-सिगरेट, वापिंग डिवाइस, संबंधित सामग्री, आयात, बिक्री, वितरण, कब्जे और उपयोग पर व्यापक निषेध है। यह कदम युवाओं को निकोटीन की आधुनिक लत से बचाने के लिए उठाया गया था, क्योंकि ये उत्पाद पारंपरिक तंबाकू से कम हानिकारक माने जाते हैं, लेकिन वास्तव में स्वास्थ्य के लिए उतने ही खतरनाक हैं।

दंड प्रावधान: उल्लंघन पर भारी जुर्माना
प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने कठोर दंड व्यवस्था लागू की है। नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचने पर दुकानदार को 50,000 रुफिया (लगभग 3,200 अमेरिकी डॉलर) का जुर्माना लगेगा। वहीं, वापिंग डिवाइस का उपयोग करने पर 5,000 रुफिया (लगभग 320 अमेरिकी डॉलर) का दंड निर्धारित है। ये जुर्माने न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाएंगे, बल्कि उल्लंघनकर्ताओं को कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। मंत्रालय ने दुकानदारों और पर्यटकों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने की घोषणा की है, ताकि अनजाने में नियम टूटने से बचा जा सके।

कानून का सफर: राष्ट्रपति मुइज्जू की मंजूरी से हकीकत
यह पीढ़ीगत प्रतिबंध 29 अप्रैल 2025 को प्रस्तावित किया गया था और मई में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू द्वारा अनुमोदित हुआ। मालदीव संसद ने इसे धूम्रपान और तंबाकू नियंत्रण अधिनियम में संशोधन के रूप में पारित किया। राष्ट्रपति मुइज्जू ने इसे “एक तंबाकू-मुक्त पीढ़ी को बढ़ावा देने” वाली ऐतिहासिक पहल बताया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने कहा, “यह कदम मालदीव को वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर अग्रणी बनाएगा। हमारा लक्ष्य 2030 तक धूम्रपान दर को 50% कम करना है।” मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मालदीव में 15-24 वर्ष के युवाओं में धूम्रपान की दर 20% से अधिक है, जो इस प्रतिबंध की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित करता है।

वैश्विक संदर्भ: न्यूजीलैंड और ब्रिटेन की प्रेरणा
मालदीव दुनिया का पहला देश है जो पीढ़ीगत तंबाकू प्रतिबंध को पूर्ण रूप से लागू कर रहा है, लेकिन यह विचार अन्य देशों में भी चर्चा का विषय रहा है। न्यूजीलैंड ने 2022 में ऐसा ही एक कानून पारित किया था, जो 1 जनवरी 2009 के बाद जन्मे लोगों के लिए तंबाकू बिक्री पर प्रतिबंध लगाता, लेकिन राजनीतिक बदलावों के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। ब्रिटेन में भी सांसदों ने 1 जनवरी 2009 के बाद जन्मे लोगों के लिए तंबाकू बिक्री रोकने का प्रस्ताव रखा है, जिसे प्रमुख अस्पतालों, कैंसर चैरिटी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के नेताओं ने समर्थन दिया है। हाल ही में एक खुले पत्र में कहा गया कि संसद की आखिरी बहस के छह महीनों में 1,20,000 युवा धूम्रपान शुरू कर चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मालदीव की इस पहल की सराहना की है और इसे अन्य विकासशील देशों के लिए मॉडल बताया है।

मालदीव की चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं:
मालदीव, जो लगभग 5 लाख की आबादी वाला एक छोटा द्वीप राष्ट्र है, पर्यटन पर 28% जीडीपी निर्भर करता है। यहां हर साल लाखों पर्यटक आते हैं, जो इस प्रतिबंध को लागू करने में चुनौती पैदा कर सकते हैं। हालांकि, सरकार ने हवाई अड्डों, होटलों और बाजारों में जागरूकता अभियान शुरू किए हैं। साथ ही, तस्करी रोकने के लिए सीमा सुरक्षा मजबूत की जा रही है। मंत्रालय ने बताया कि प्रतिबंध के पहले वर्ष में 10% युवा धूम्रपान छोड़ने की उम्मीद है। भविष्य में, स्कूलों में एंटी-स्मोकिंग शिक्षा को अनिवार्य किया जाएगा और स्वास्थ्य बीमा में धूम्रपान न करने वालों को छूट दी जाएगी।

यह प्रतिबंध मालदीव को एक स्वास्थ्य-प्रधान पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करेगा, जहां समुद्री सौंदर्य के साथ स्वस्थ जीवनशैली का संदेश भी जुड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सफल रहा, तो यह वैश्विक तंबाकू नियंत्रण आंदोलन को नई दिशा देगा। मालदीव अब न केवल नीले पानी और रिसॉर्ट्स के लिए जाना जाएगा, बल्कि एक तंबाकू-मुक्त भविष्य के लिए भी।

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