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Collectors:

  1. कई जिलों में कलेक्टर बदलने के संकेत
  2. 21 फरवरी के बाद दो दर्जन से अधिक जिलों में तबादलों की संभावना
  3. शासन स्तर पर मंथन तेज

By: Ishu Kumar

भोपाल: प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव की भूमिका तैयार हो चुकी है। चुनाव आयोग से जुड़ी औपचारिक अड़चन समाप्त होते ही कलेक्टरों के तबादलों को लेकर शासन एक साथ बड़ा फैसला ले सकता है। संकेत हैं कि 21 फरवरी के बाद दो दर्जन से अधिक जिलों में कलेक्टर बदले जा सकते हैं। इसके लिए शासन स्तर पर आंतरिक चर्चा लगभग पूरी मानी जा रही है और केवल औपचारिक अनुमति का इंतजार किया जा रहा है।

Collectors: एसआईआर कार्य के कारण फिलहाल लगी है रोक

वर्तमान में चुनाव आयोग द्वारा प्रदेशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य कराया जा रहा है, जो 21 फरवरी तक प्रस्तावित है। इस प्रक्रिया में कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में मैदानी अधिकारी प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। इसी कारण फिलहाल तबादलों पर रोक लगी हुई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार एसआईआर कार्य पूर्ण होने के बाद ही तबादला सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।

Collectors: भ्रष्टाचार और कार्यप्रदर्शन बने आधार

जानकारी के मुताबिक जिन जिलों में भ्रष्टाचार की शिकायतें या प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष सामने आया है, वहां बदलाव तय माना जा रहा है। सरकार हाल के महीनों में अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में मैदानी स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देने और कमजोर प्रदर्शन वाले अधिकारियों को हटाने की रणनीति पर काम चल रहा है।

महिला कलेक्टरों की संख्या में हो सकता है बदलाव

प्रदेश के 17 जिलों में वर्तमान में महिला कलेक्टर पदस्थ हैं। प्रस्तावित तबादला प्रक्रिया में इस संख्या में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। ग्वालियर की रुतिका जैन, पन्ना की उषा पासवान, नर्मदापुरम की सोनिया मीणा, सिवनी की शीतला पटले, झाबुआ की नेहा मीणा और शाजापुर की ऋतु बाजपेयी सहित कई नामों को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चा चल रही है।

अन्य जिलों में भी संभावित बदलाव

सूत्रों के अनुसार खरगोन, नीमच, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी, बड़वानी, आगर-मालवा और रतलाम जैसे जिलों में भी कलेक्टर स्तर पर परिवर्तन संभव है। शासन का उद्देश्य एक साथ कई जिलों में प्रशासनिक संतुलन स्थापित करना बताया जा रहा है।

अनुमति मिलते ही एक साथ होगा फैसला

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जैसे ही चुनाव आयोग से संबंधित प्रतिबंध समाप्त होगा, सरकार एक साथ कई जिलों में कलेक्टरों और जिला अधिकारियों के तबादलों के आदेश जारी कर सकती है। इसे हाल के वर्षों का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है।

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