by-Ravindra Sikarwar
कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) और इसकी सहायक कंपनियों के 2 लाख से अधिक गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए 1.03 लाख रुपये के एकमुश्त प्रदर्शन आधारित पुरस्कार (परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवॉर्ड) की घोषणा की है। यह बोनस रिकॉर्ड उत्पादन स्तरों के बीच कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने के लिए दिया जा रहा है। यह पहल कोयला क्षेत्र में कर्मचारियों के समर्पण और कड़ी मेहनत को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
बोनस की घोषणा और पृष्ठभूमि:
कोयला मंत्रालय ने 26 सितंबर 2025 को घोषणा की कि कोल इंडिया लिमिटेड और इसकी सहायक कंपनियों के लगभग 2,00,000 गैर-कार्यकारी कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 1.03 लाख रुपये का एकमुश्त बोनस प्रदान किया जाएगा। यह पुरस्कार कोयला उत्पादन में हाल के वर्षों में दर्ज की गई अभूतपूर्व वृद्धि और कर्मचारियों की कड़ी मेहनत को सम्मानित करने के लिए है। कोल इंडिया लिमिटेड, जो भारत का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक है, ने 2024-25 में रिकॉर्ड उत्पादन हासिल किया, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है।
कोयला मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारे कर्मचारी कोल इंडिया की सफलता की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत और समर्पण ने हमें रिकॉर्ड उत्पादन हासिल करने में मदद की है। यह बोनस उनकी मेहनत का सम्मान करने और उनके मनोबल को बढ़ाने का एक प्रयास है।”
प्रदर्शन आधारित पुरस्कार का विवरण:
यह 1.03 लाख रुपये का बोनस गैर-कार्यकारी कर्मचारियों, जैसे कि खनन श्रमिकों, तकनीकी स्टाफ, और अन्य सहायक कर्मचारियों को दिया जाएगा, जो कोल इंडिया और इसकी सहायक कंपनियों जैसे नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, और महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड में कार्यरत हैं। यह पुरस्कार एकमुश्त भुगतान के रूप में प्रदान किया जाएगा और इसे कर्मचारियों के वेतन खाते में जल्द ही जमा किया जाएगा।
इस बोनस की राशि को कोल इंडिया के प्रबंधन और कर्मचारी यूनियनों के बीच लंबी चर्चा के बाद तय किया गया। यूनियनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे कर्मचारियों के लिए एक प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है। यह राशि कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह त्योहारी सीजन के दौरान उनकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।
रिकॉर्ड उत्पादन और कोयला क्षेत्र की भूमिका:
कोल इंडिया लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक का सबसे अधिक कोयला उत्पादन हासिल किया है, जो भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण रहा है। भारत में कोयला बिजली उत्पादन का प्रमुख स्रोत है, और कोल इंडिया देश की कुल कोयला आपूर्ति का लगभग 80% हिस्सा प्रदान करता है। इस रिकॉर्ड उत्पादन ने न केवल बिजली संयंत्रों की मांग को पूरा किया, बल्कि अन्य उद्योगों जैसे स्टील और सीमेंट के लिए भी कोयले की आपूर्ति सुनिश्चित की।
कर्मचारियों की मेहनत ने कोल इंडिया को उत्पादन लक्ष्यों को पार करने में मदद की है। इसके अलावा, कंपनी ने खनन प्रक्रियाओं में तकनीकी नवाचारों और सुरक्षा उपायों को लागू करने पर भी ध्यान दिया है, जिससे कार्यस्थल पर दक्षता और सुरक्षा में सुधार हुआ है।
कर्मचारियों और यूनियनों की प्रतिक्रिया:
कोल इंडिया के कर्मचारी यूनियनों ने इस बोनस की घोषणा का स्वागत किया है। एक यूनियन नेता ने कहा, “यह बोनस कर्मचारियों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है। यह न केवल उनकी मेहनत को मान्यता देता है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान करता है।” कर्मचारियों ने इस फैसले को त्योहारी सीजन से पहले एक सकारात्मक कदम बताया, क्योंकि यह उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव:
1.03 लाख रुपये का यह बोनस 2 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता है। यह राशि स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी बढ़ावा देगी, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां कोल इंडिया की खदानें और कार्यालय स्थित हैं। त्योहारी सीजन के दौरान, यह बोनस कर्मचारियों के खर्च करने की क्षमता को बढ़ाएगा, जिससे बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद है।
इसके अलावा, यह बोनस कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाएगा और उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा। कोयला मंत्रालय का यह कदम कर्मचारियों के कल्याण और कंपनी की उत्पादकता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
भविष्य की योजनाएं:
कोल इंडिया और कोयला मंत्रालय ने भविष्य में उत्पादन को और बढ़ाने और पर्यावरण-अनुकूल खनन प्रथाओं को अपनाने की योजना बनाई है। कंपनी स्वच्छ कोयला प्रौद्योगिकियों और नवीकरणीय ऊर्जा के साथ एकीकरण पर भी काम कर रही है ताकि भारत की ऊर्जा नीति के लक्ष्यों को पूरा किया जा सके। कर्मचारियों के लिए इस तरह के प्रोत्साहन भविष्य में भी जारी रहने की उम्मीद है, ताकि उनकी मेहनत को लगातार सम्मानित किया जा सके।
निष्कर्ष:
कोयला मंत्रालय द्वारा कोल इंडिया के 2 लाख से अधिक कर्मचारियों के लिए 1.03 लाख रुपये के प्रदर्शन आधारित बोनस की घोषणा एक स्वागत योग्य कदम है। यह न केवल कर्मचारियों की कड़ी मेहनत को सम्मानित करता है, बल्कि भारत की ऊर्जा क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करता है। रिकॉर्ड उत्पादन और इस बोनस की घोषणा के साथ, कोल इंडिया और इसके कर्मचारी देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।
