Spread the love

by-Ravindra Sikarwar

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में बादल फटने की दुखद घटना ने भारी तबाही मचाई है, जिसके परिणामस्वरूप अब तक 60 से अधिक लोगों की मौत और 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। यह हादसा मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा के मार्ग पर स्थित सुदूर गांव चशोती में हुआ।

घटना का विस्तृत विवरण:
यह घटना गुरुवार, 14 अगस्त 2025 की दोपहर करीब 12 बजे से 1 बजे के बीच हुई। बादल फटने के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान मचैल माता मंदिर की यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां मौजूद थे। यह इलाका मचैल माता मंदिर तक जाने के लिए वाहनों का अंतिम पड़ाव है, जिसके बाद पैदल यात्रा शुरू होती है।

अचानक आई बाढ़ के कारण कई घर, दुकानें, और सामुदायिक रसोई (लंगर) बह गए। भूस्खलन के कारण पहाड़ से भारी मात्रा में मलबा, मिट्टी, और पेड़-पौधे नीचे आ गए, जिसकी चपेट में आकर कई लोग दब गए। मृतकों में दो सीआईएसएफ जवान और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) भी शामिल हैं। बचाव कार्य अभी भी जारी है, और कई और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।

बचाव और राहत अभियान:
घटना की सूचना मिलते ही, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। भारी बारिश और मलबे के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। घायलों को किश्तवाड़ के जिला अस्पताल और पड्डार के उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 38 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है और राहत कार्यों को तेज करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इसके अलावा, लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रभावित इलाके का दौरा किया और बचाव अभियानों की निगरानी की। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सहायता के लिए आभार भी व्यक्त किया।

यह प्राकृतिक आपदा न केवल किश्तवाड़ के लोगों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ा सदमा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× Whatsapp