By: Ravindra Sikarwar
Chhattisgarh news: महासमुंद जिले में सरकारी स्कूलों की कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक परीक्षा में अंग्रेजी विषय के एक प्रश्न ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। प्रश्न में कुत्ते के नाम पूछे जाने पर विकल्पों में ‘राम’ नाम शामिल था, जिसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताकर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया।
विवादास्पद प्रश्न क्या था?
परीक्षा 7 जनवरी 2026 को आयोजित की गई थी। अंग्रेजी पेपर में एक बहुविकल्पीय प्रश्न था: “मोना के कुत्ते का नाम क्या है?” (What is Mona’s dog’s name?)। इसके विकल्प थे – बाला, शेरू, कोई नहीं और राम। इस प्रश्न की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। कई लोगों ने इसे भगवान राम का अपमान बताते हुए आपत्ति दर्ज की।
विरोध और प्रदर्शन
विवाद सामने आते ही विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने महासमुंद में प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय के सामने नारेबाजी की और कुछ जगहों पर डीईओ का पुतला भी जलाया। वीएचपी के जिला प्रमुख हर्षवर्धन चंद्राकर ने मांग की कि प्रश्नपत्र तैयार करने वालों को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें बर्खास्त किया जाए। अभिभावकों ने भी इस प्रश्न को अनुचित बताते हुए नाराजगी जताई।
शिक्षा विभाग की सफाई और कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे ने मामले पर खेद जताया और कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था। उनके अनुसार, मूल प्रश्नपत्र अलग था, लेकिन प्रिंटिंग के दौरान गलती से दूसरा पेपर छप गया। परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र खुलते ही यह गलती पता चली, जिसके बाद विवादास्पद विकल्प को तुरंत हटाकर नया विकल्प जोड़ा गया।
विभाग ने प्रिंटिंग ठेकेदार से स्पष्टीकरण मांगा है और मूल मैनुस्क्रिप्ट जमा करने को कहा है ताकि जांच से पता चल सके कि बदलाव कैसे हुआ। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि परीक्षा प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना एक बार फिर शिक्षा सामग्री में धार्मिक संवेदनशीलता के मुद्दे को उजागर करती है, जहां छोटी सी लापरवाही भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है।

