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छत्तीसगढ़ में PSC भर्ती घोटाले की गंभीरता हाईकोर्ट के सामने आई। न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की पीठ ने कहा कि परीक्षा में दलाली हुई और लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। इसी कारण टामन सिंह सोनवानी और ललित गनवीर की जमानत याचिकाएं दूसरी बार खारिज कर दी गई हैं।

Chhattisgarh Recruitment: पद का दुरुपयोग और अनुचित लाभ

CBI की जांच में पता चला कि वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्तेदारों और करीबी लोगों को लाभ पहुंचाया। यह मामला भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार का उदाहरण है।

Chhattisgarh Recruitment: आरक्षक भर्ती में गड़बड़ी और नियुक्तियों पर रोक

हाईकोर्ट ने 6,000 पदों पर चल रही आरक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के कारण अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने पुलिस विभाग को अगले दो हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके चलते अगली सुनवाई तक किसी भी चयनित उम्मीदवार को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाएगा।

याचिकाकर्ताओं के तर्क: निष्पक्ष जांच खतरे में

याचिकाकर्ताओं के वकील मतीन सिद्दिकी ने बताया कि शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में बड़े पैमाने पर धांधली हुई। बिलासपुर एसएसपी और चयन समिति के अध्यक्ष ने 19 दिसंबर 2024 को पुलिस मुख्यालय रायपुर को फिजिकल टेस्ट में गड़बड़ियों की आधिकारिक जानकारी भेजी थी।
अब तक कुल 6,000 पदों में से लगभग 2,500 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यदि नियुक्तियों पर रोक नहीं लगाई गई, तो भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।

अगली सुनवाई की तारीख

हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी 2026 के लिए तय की है।

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