By: Ravindra Sikarwar
छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में खाद वितरण को लेकर चल रही अव्यवस्था के बीच एक बेहद शर्मनाक और निंदनीय घटना सामने आई है। बुधवार सुबह कृषि उपज मंडी परिसर में यूरिया खाद लेने आई एक युवा महिला किसान को नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई ने सबके सामने जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह घटना उस वक्त हुई जब किसान पहले से ही खाद की भारी किल्लत और प्रशासन की लापरवाही से तिलमिलाए हुए थे। थप्पड़ की यह घटना जैसे ही लोगों को पता चली, मौके पर मौजूद सैकड़ों किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिख रहा है कि नायब तहसीलदार ने बिना किसी स्पष्ट उकसावे के महिला को थप्पड़ मारा।
दरअसल, पिछले कई दिनों से मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में यूरिया और अन्य खाद की भारी कमी चल रही है। रबी फसल की बुवाई का मौसम चल रहा है और किसानों को एक-एक बोरी खाद के लिए रात-दिन लाइन लगानी पड़ रही है। छतरपुर की कृषि उपज मंडी में भी यही हाल है। बुधवार सुबह करीब 1500 से ज्यादा किसान और किसान महिलाएं खाद लेने पहुंचे थे, लेकिन काउंटरों की संख्या बेहद कम होने और वितरण प्रक्रिया की धीमी गति के कारण लंबी-लंबी कतारें लगी हुई थीं। घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश लोगों को खाद नहीं मिल रही थी। किसानों का आरोप था कि गोदामों में कई ट्रक यूरिया भरी पड़ी है, लेकिन अधिकारी जानबूझकर खाद नहीं दे रहे।
इसी बात को लेकर किसान आक्रोशित हो गए और मंडी परिसर से बाहर सड़क पर उतर आए। उन्होंने जमकर नारेबाजी की और सड़क जाम कर दी। इससे पूरे इलाके में यातायात ठप हो गया। सूचना मिलते ही तहसीलदार, नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद अधिकारियों ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत किया और भीड़ को वापस लौटने के लिए कहा। लगा था कि मामला शांत हो जाएगा, लेकिन ठीक उसी समय नायब तहसीलदार ने जो किया, उसने पूरे माहौल को फिर से आग में घी डालने का काम कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब लोग लौट रहे थे, तभी एक युवा महिला किसान ने शायद खाद वितरण में हो रही देरी या अव्यवस्था को लेकर कुछ कहा या सवाल उठाया। इसके जवाब में नायब तहसीलदार ऋतु सिंघई ने अचानक तमतमाते हुए महिला के गाल पर जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि आसपास खड़े लोग भी कुछ समझ पाते, इससे पहले ही थप्पड़ पड़ चुका था। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मोबाइल निकालकर इस घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि महिला कुछ खास गलत नहीं कर रही थी, फिर भी अधिकारी ने अपनी कुर्सी की हनक दिखाते हुए उस पर हाथ उठा दिया।
थप्पड़ की इस घटना के बाद किसानों का गुस्सा एकदम से भड़क उठा। जो लोग लौटने लगे थे, वे फिर से एकजुट हो गए और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। कुछ देर में ही स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भारी बल के साथ मौके पर तैनात करना पड़ा। किसानों ने साफ कहा कि हम अपनी फसल बचाने के लिए घंटों धूप में लाइन लगाकर खड़े रहते हैं, मेहनत की कमाई खर्च करके खाद लेने आते हैं, और बदले में हमें थप्पड़ और अपमान मिलता है। एक बुजुर्ग किसान ने गुस्से में कहा, “अगर खाद की जगह थप्पड़ ही मिलना है तो हम न्याय की गुहार लगाएं तो किससे लगाएं? ये अधिकारी खुद को भगवान समझने लगे हैं।”
महिला किसान जिसे थप्पड़ मारा गया, वह सदमे में थी। उसने रोते हुए बताया कि वह सिर्फ अपनी बारी का इंतजार कर रही थी और खाद जल्दी देने की बात कर रही थी, लेकिन अधिकारी महोदया को यह बात इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने सबके सामने उसे थप्पड़ मार दिया। इस घटना ने पूरे जिले में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। किसान संगठनों ने इसे महिला और किसान दोनों के अपमान की संयुक्त घटना बताया है और नायब तहसीलदार के निलंबन की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक उच्च अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और #JusticeForFarmerWoman जैसे हैशटैग के साथ नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। किसान नेता भी अब इस मामले को लेकर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में जुट गए हैं।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि खाद संकट के बीच प्रशासनिक अधिकारी किसानों के प्रति कितना असंवेदनशील हो चुके हैं। जहां एक तरफ अन्नदाता अपनी फसल और परिवार के लिए दिन-रात मेहनत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुर्सी पर बैठे कुछ लोग अपनी ताकत का नाजायज इस्तेमाल कर रहे हैं। उम्मीद की जानी चाहिए कि इस घटना के बाद दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई होगी, ताकि भविष्य में कोई और महिला या किसान इस तरह के अपमान का शिकार न हो।
