by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की अंतिम समय-सारिणी जारी कर दी है। यह घोषणा छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि इससे परीक्षा की तैयारी को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। परीक्षाएं दोनों कक्षाओं के लिए 17 फरवरी 2026 को सुबह 10:30 बजे से प्रारंभ होंगी। कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 10 मार्च 2026 तक चलींगी, जबकि कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 9 अप्रैल 2026 को समाप्त होंगी। यह समय-सारिणी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर उपलब्ध है, जहां छात्र बिना किसी लॉगिन के पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं। सीबीएसई ने इस वर्ष परीक्षा तिथियों को 110 दिनों पहले घोषित करने का निर्णय लिया है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के अनुरूप है और छात्रों को पर्याप्त तैयारी का समय प्रदान करता है।
समय-सारिणी जारी करने की पृष्ठभूमि: प्रारंभिक योजना से अंतिम रूप तक
सीबीएसई हर साल बोर्ड परीक्षाओं की समय-सारिणी को दो चरणों में तैयार करता है – पहले प्रारंभिक (टेंटेटिव) और फिर अंतिम। इस वर्ष प्रारंभिक समय-सारिणी 24 सितंबर 2025 को जारी की गई थी, जिसमें छात्रों की विषय संयोजनों, प्रवेश परीक्षाओं (जैसे जेईई मेन) की तिथियों और शिक्षकों की उपलब्धता को ध्यान में रखा गया था। अंतिम समय-सारिणी तैयार करने के लिए बोर्ड ने कक्षा 9वीं और 11वीं के पंजीकरण डेटा का विश्लेषण किया, ताकि कोई टकराव न हो।
सीबीएसई के एक अधिकारी ने बताया कि यह पहली बार है जब अंतिम समय-सारिणी परीक्षाओं से लगभग 110 दिन पहले जारी की जा रही है। इसका मुख्य कारण स्कूलों द्वारा उम्मीदवारों की सूची (एलओसी) समय पर जमा करना है। बोर्ड ने अनुमान लगाया है कि 2026 सत्र में कुल 45 लाख छात्र 204 विषयों में परीक्षा देंगे, जो भारत के अलावा 26 विदेशी देशों में संबद्ध स्कूलों में आयोजित होंगी। इस समय-सारिणी में जेईई मेन जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं से टकराव से बचने के लिए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को निर्देश दिए गए हैं कि छात्रों को कक्षा 11वीं का पंजीकरण नंबर जेईई आवेदन में दर्ज करना अनिवार्य होगा। स्कूलों को भी अपने छात्रों को यह नंबर प्रदान करने का सुझाव दिया गया है।
कक्षा 10वीं की परीक्षा: दो अवसरों वाली नई व्यवस्था
कक्षा 10वीं के लिए 2026 सत्र विशेष है, क्योंकि एनईपी 2020 के तहत छात्रों को एक ही वर्ष में दो बोर्ड परीक्षाओं का अवसर मिलेगा। पहली परीक्षा (फेज 1) 17 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक होगी, जो मुख्य रूप से मूल्यांकन के लिए होगी। यदि छात्र संतुष्ट न हों, तो वे दूसरी परीक्षा (फेज 2) दे सकेंगे, जो बाद में आयोजित की जाएगी। यह व्यवस्था छात्रों पर दबाव कम करने और बेहतर प्रदर्शन का मौका देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
कक्षा 10वीं की प्रमुख विषयों की तिथियां (सुबह 10:30 बजे से):
- 17 फरवरी 2026: गणित (बेसिक और स्टैंडर्ड)
- 19 फरवरी 2026: हिंदी कोर्स-ए
- 20 फरवरी 2026: संगीत (भारतीय शास्त्रीय संगीत)
- 22 फरवरी 2026: फाइन आर्ट्स (कोड 049)
- 24 फरवरी 2026: विज्ञान
- 25 फरवरी 2026: सामाजिक विज्ञान
- 26 फरवरी 2026: अंग्रेजी (भाषा और साहित्य)
- 27 फरवरी 2026: हिंदी कोर्स-बी
- 28 फरवरी 2026: आईटी (कोड 402)
- 2 मार्च 2026: संस्कृत
- 3 मार्च 2026: उर्दू कोर्स-ए
- 5 मार्च 2026: स्वास्थ्य और शारीरिक शिक्षा
- 6 मार्च 2026: होम साइंस
- 7 मार्च 2026: राष्ट्रीय चिकित्सा पथ्य विज्ञान
- 10 मार्च 2026: क्षेत्रीय भाषाएं (असमिया, बंगाली, आदि)
परीक्षाएं एकल शिफ्ट में आयोजित होंगी, जो अधिकांश विषयों के लिए 2 घंटे की होंगी, लेकिन कुछ के लिए 3 घंटे। बोर्ड ने जोर दिया है कि छात्र विषय-वार कोड की जांच करें, क्योंकि कुछ विषयों के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
कक्षा 12वीं की परीक्षा: विस्तृत विषयों के साथ लंबी अवधि
कक्षा 12वीं की परीक्षाएं अधिक व्यापक हैं, जो विज्ञान, वाणिज्य और कला धाराओं के सभी प्रमुख विषयों को कवर करेंगी। परीक्षाएं 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक चलेगी, जिसमें छोटे विषयों से शुरुआत होगी। यह व्यवस्था छात्रों को प्रमुख विषयों के लिए पर्याप्त समय देने के लिए अपनाई गई है।
कक्षा 12वीं की प्रमुख विषयों की तिथियां (सुबह 10:30 बजे से):
- 17 फरवरी 2026: बायोटेक्नोलॉजी (कोड 045)
- 18 फरवरी 2026: फूड प्रोडक्शन (कोड 214)
- 19 फरवरी 2026: लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस
- 20 फरवरी 2026: इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी (कोड 244), शिपिंग
- 21 फरवरी 2026: मास मीडिया स्टडीज (कोड 335)
- 24 फरवरी 2026: डिजाइन (कोड 071)
- 25 फरवरी 2026: फाइन आर्ट्स (कोड 049)
- 26 फरवरी 2026: डांस (कोड 036)
- 27 फरवरी 2026: अर्थशास्त्र
- 28 फरवरी 2026: सामान्य अंग्रेजी (कोड 301)
- 2 मार्च 2026: डैशराई (कोड 056)
- 3 मार्च 2026: नृत्य (कोड 036)
- 4 मार्च 2026: राष्ट्रीय चिकित्सा पथ्य विज्ञान
- 5 मार्च 2026: होम साइंस
- 6 मार्च 2026: जियोलॉजी (कोड 035)
- 7 मार्च 2026: फूड न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स (कोड 222)
- 9 मार्च 2026: गणित (कोड 041)
- 11 मार्च 2026: रसायन विज्ञान
- 12 मार्च 2026: अंग्रेजी इलेक्टिव (कोड 001)
- 13 मार्च 2026: भौतिकी
- 16 मार्च 2026: हिंदी इलेक्टिव (कोड 302)
- 17 मार्च 2026: इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज (कोड 065)
- 18 मार्च 2026: बायोलॉजी (कोड 044)
- 19 मार्च 2026: हिंदी कोर (कोड 302)
- 20 मार्च 2026: इतिहास (कोड 027)
- 21 मार्च 2026: राजनीति विज्ञान (कोड 028)
- 24 मार्च 2026: भूगोल (कोड 029)
- 25 मार्च 2026: व्यापार अध्ययन
- 26 मार्च 2026: खाता लेखा (कोड 055)
- 27 मार्च 2026: मनोविज्ञान (कोड 037)
- 28 मार्च 2026: समाजशास्त्र (कोड 039)
- 31 मार्च 2026: दर्शनशास्त्र (कोड 042)
- 1 अप्रैल 2026: कानूनी अध्ययन (कोड 074)
- 2 अप्रैल 2026: साहित्य (कोड 043)
- 3 अप्रैल 2026: अर्थशास्त्र (कोड 030)
- 4 अप्रैल 2026: कंप्यूटर साइंस (कोड 083)
- 7 अप्रैल 2026: सूक्ष्म जीव विज्ञान (कोड 046)
- 8 अप्रैल 2026: सैन्य विज्ञान (कोड 075)
- 9 अप्रैल 2026: उर्दू कोर (कोड 303)
कक्षा 12वीं की परीक्षाएं अधिकांशतः 3 घंटे की होंगी, और कुछ विषयों में व्यावहारिक परीक्षाएं अलग से होंगी।
डाउनलोड करने की प्रक्रिया: सरल चरणबद्ध तरीका
छात्र समय-सारिणी डाउनलोड करने के लिए निम्नलिखित चरण अपनाएं:
- सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाएं।
- होमपेज पर ‘परीक्षाएं’ (Examinations) टैब पर क्लिक करें।
- ड्रॉपडाउन मेनू से ‘समय-सारिणी’ (Date Sheet) विकल्प चुनें।
- ‘सीबीएसई कक्षा 10वीं/12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 अंतिम समय-सारिणी’ लिंक पर क्लिक करें।
- पीडीएफ फाइल खुलेगी, जिसे डाउनलोड या प्रिंट करें।
बोर्ड ने सलाह दी है कि छात्र विषय कोड की जांच करें और किसी भी संशोधन के लिए वेबसाइट पर नजर रखें।
महत्वपूर्ण बदलाव और तैयारी टिप्स: एनईपी 2020 का प्रभाव
2026 सत्र में कई नवीनताएं हैं। कक्षा 10वीं के लिए दो परीक्षाओं की व्यवस्था छात्रों को ‘पुन: प्रयास’ का मौका देगी, जो तनाव कम करेगी। कक्षा 12वीं में 40% प्रश्न केस स्टडी-आधारित और बहुविकल्पीय (एमसीक्यू) होंगे, जबकि कक्षा 10वीं में 50%। यह बदलाव आलोचना का शिकार भी रहा है, क्योंकि कुछ शिक्षक इसे ‘शिक्षकों के लिए थकाऊ’ और छात्रों के लिए ‘चिंता बढ़ाने वाला’ मानते हैं। फिर भी, बोर्ड का कहना है कि यह समग्र मूल्यांकन को मजबूत करेगा।
छात्रों के लिए टिप्स:
- तिथियों को कैलेंडर में चिह्नित करें।
- कमजोर विषयों पर पहले फोकस करें।
- नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट लें।
- स्वास्थ्य का ध्यान रखें – संतुलित आहार और व्यायाम जरूरी।
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे गर्मी की छुट्टियों की योजना परीक्षा के बाद के लिए बनाएं। यह समय-सारिणी न केवल परीक्षा का खाका है, बल्कि छात्रों के भविष्य की नींव भी। सीबीएसई की यह पहल शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी और छात्र-अनुकूल बनाने की दिशा में एक कदम है। कोई भी अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें।
