By: Yogendra Singh
Budhni : सीहोर जिले के बुधनी स्थित सिविल अस्पताल से प्रबंधन की एक बेहद शर्मनाक और गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल परिसर में एक अज्ञात शव को घंटों तक बिना किसी फ्रीजर या सुरक्षित व्यवस्था के खुले में छोड़ दिया गया। भीषण गर्मी और उचित रखरखाव न होने के कारण शव से उठने वाली दुर्गंध पूरे अस्पताल परिसर में फैल गई, जिससे वहां मौजूद मरीजों, उनके तीमारदारों और स्वयं अस्पताल के कर्मचारियों का सांस लेना दूभर हो गया।

अस्पताल परिसर में फैली असहनीय दुर्गंध, मरीजों के स्वास्थ्य पर संकट
Budhni प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस द्वारा लाए गए एक अज्ञात शव को अस्पताल प्रबंधन ने मर्चुरी या फ्रीजर में रखने के बजाय खुले बरामदे के पास ही छोड़ दिया। लंबे समय तक शव के खुले में रहने के कारण वह सड़ने लगा और उससे उठने वाली तेज बदबू ने पूरे वार्ड और ओपीडी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। इलाज कराने आए मरीजों का कहना है कि अस्पताल जैसी जगह, जहाँ स्वच्छता और संक्रमण से बचाव सर्वोपरि होना चाहिए, वहाँ इस तरह की लापरवाही मरीजों की जान जोखिम में डालने जैसी है। बदबू इतनी तीव्र थी कि परिजनों को अपने मरीजों के पास बैठने के लिए भी मुंह पर रुमाल बांधना पड़ा।
बार-बार की लापरवाही: प्रबंधन ने पिछली घटनाओं से नहीं लिया सबक
Budhni हैरानी की बात यह है कि बुधनी सिविल अस्पताल में इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय नागरिकों और मरीजों के परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पूर्व भी इसी तरह की लापरवाही के कारण अस्पताल परिसर में बदबू फैली थी। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों ने व्यवस्थाओं को सुधारने या शवों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए डीप-फ्रीजर की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की। बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) की अनुपस्थिति और स्टाफ की मनमानी पर अब स्थानीय जनता आक्रोशित है और इसे सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन मान रही है।
एसडीएम ने लिया संज्ञान, बीएमओ की अनुपस्थिति पर उठे सवाल
Budhni जैसे ही यह मामला मीडिया और स्थानीय प्रशासन तक पहुँचा, बुधनी एसडीएम दिनेश तोमर ने इस पर सख्त संज्ञान लिया है। उन्होंने तत्काल अस्पताल प्रबंधन से पूरी घटना की रिपोर्ट तलब की है और मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। घटना के समय अस्पताल में वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति ने भी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि अस्पताल में शवों को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल आधुनिक फ्रीजर की व्यवस्था की जाए और इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
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