Spread the love

by-Ravindra Sikarwar

हिसार: हरियाणा के हिसार जिले में एक ऐसी सनसनीखेज घटना घटी है, जिसने पूरे पुलिस महकमे और स्थानीय समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। मिलगेट क्षेत्र के श्यामलाल ढाणी में गुरुवार रात करीब साढ़े 11 बजे एडीजीपी कार्यालय में तैनात सब-इंस्पेक्टर रमेश कुमार की कुछ शराब के नशे में धुत युवकों ने ईंटों, पत्थरों और डंडों से बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। घटना इतनी भयावह थी कि रमेश कुमार मौके पर ही दम तोड़ चुके थे। वे मात्र दो महीने बाद जनवरी 2026 में रिटायर होने वाले थे, और यह हादसा उनके परिवार के लिए अपूरणीय क्षति साबित हो गया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है, जिसमें अब तक 15 संदिग्धों की पहचान की गई है और पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।

घटना की पूरी कथा: एक छोटी नाराजगी से भड़का खूनी खेल
रमेश कुमार (उम्र 57 वर्ष) पिछले दस वर्षों से एडीजीपी कार्यालय में ड्यूटी कर रहे थे और ढाणी श्यामलाल, गली नंबर-3 में अपने परिवार के साथ सादगीपूर्ण जीवन जीते थे। परिवार के अन्य सदस्य भी हरियाणा पुलिस विभाग में सेवा दे चुके हैं, जो इस घटना को और भी दर्दनाक बनाता है। चश्मदीदों और परिवार वालों के बयानों से पता चलता है कि रात करीब 10:30 बजे कुछ युवक उनके घर के बाहर शराब पीकर हंगामा मचा रहे थे। तेज शोर-शराबा और गाली-गलौज की आवाजें सुनकर रमेश कुमार घर से बाहर निकले और उन युवकों को शांत रहने की हिदायत दी।

शुरुआत में युवकों ने उनकी बात मान ली और वहां से चले गए, लेकिन यह शांति ज्यादा देर टिकी नहीं। लगभग एक घंटे बाद, यानी साढ़े 11 बजे के आसपास, वही युवक एक कार और दो बाइक पर सवार होकर वापस लौट आए। इस बार वे बदले की आग में लिपटे हुए थे। उन्होंने रमेश कुमार पर अचानक हमला बोल दिया। पहले तो मामूली कहासुनी हुई, लेकिन जल्द ही बात बिगड़ गई। हमलावरों ने ईंटें, पत्थर और लाठियां उठाईं और रमेश पर बौछार की तरह वार किए। खासतौर पर उनके सिर पर ईंटों से कई प्रहार किए गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। रमेश चिल्लाते हुए मदद मांगते रहे, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और पीटते रहे।

परिवार के सदस्यों की चीख-पुकार पड़ोसियों तक पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर अपनी कार और बाइकें मौके पर ही छोड़कर अंधेरे में फरार हो चुके थे। रमेश की हालत नाजुक देखकर परिजनों ने तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चश्मदीद और मृतक के भतीजे अमित ने बताया कि हमलावरों की संख्या 10-15 के बीच थी, और वे शराब के नशे में थे। अमित ने पुलिस को दिए बयान में कहा, “चाचा ने बस शांति बनाए रखने को कहा था, लेकिन वे लौटकर बदला लेने आ गए। हमारी आंखों के सामने सब कुछ हो गया।”

पुलिस की तत्परता: गिरफ्तारियां और जांच का दायरा
घटना की सूचना मिलते ही हिसार पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी शशांक लाठर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और जांच टीम का गठन किया। पुलिस ने वाहनों को जब्त कर लिया है, जिनसे हमलावरों की पहचान आसान हो रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और गवाहों के बयानों के आधार पर अब तक 15 संदिग्धों की सूची तैयार की गई है। इनमें से पांच मुख्य आरोपियों को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी ने बताया कि आरोपी स्थानीय युवक हैं, जो पहले भी छोटे-मोटे अपराधों में लिप्त रहे हैं। शेष फरार आरोपियों की तलाश में विशेष टीमें गठित की गई हैं, और जिले भर में नाकेबंदी कर दी गई है।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रारंभिक जांच से साफ है कि मौत सिर पर चोटों के कारण हुई। पुलिस ने हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। एसपी शशांक ने कहा, “यह घटना पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ी करती है। हम दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” साथ ही, उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसी घटनाओं की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

मृतक का पारिवारिक और सेवा जीवन: एक समर्पित पुलिसकर्मी
रमेश कुमार हरियाणा पुलिस में लंबे समय से सेवा दे रहे थे और विभाग में उनकी इमेज एक अनुशासित और ईमानदार अधिकारी की थी। वे एडीजीपी कार्यालय में प्रशासनिक कार्यों को संभालते थे। परिवार में पत्नी, दो बच्चे और अन्य परिजन हैं, जिनमें कई पुलिस सेवा से जुड़े हैं। यह घटना उनके लिए गहरा आघात है। पड़ोसियों का कहना है कि रमेश हमेशा इलाके में शांति बनाए रखने वाले व्यक्ति थे, और कभी किसी से दुश्मनी नहीं रखी। उनकी रिटायरमेंट की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन यह हादसा सब कुछ छीन गया।

शुक्रवार को उनका शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया, और अंतिम संस्कार के साथ ही हिसार में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस विभाग ने श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जहां वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके योगदान को याद किया।

व्यापक प्रभाव: अपराध पर अंकुश और पुलिस सुरक्षा पर बहस
यह घटना हरियाणा में बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करती है, खासकर शराब के नशे में होने वाले हिंसक हमलों को। पुलिसकर्मी होने के बावजूद रमेश कुमार को बचाने वाला कोई नहीं पहुंचा, जो सामाजिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में नाइट पेट्रोलिंग और जागरूकता अभियान बढ़ाने की जरूरत है। हरियाणा सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

यह हत्याकांड न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि कानून-व्यवस्था की कमजोरियों को भी उजागर करता है। पुलिस की गिरफ्तारियां सकारात्मक कदम हैं, लेकिन पूरी न्याय प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। जैसा कि जांच आगे बढ़ेगी, उम्मीद है कि न्याय मिलेगा और ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *