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By: Ishu Kumar

Bokaro : सेक्टर-12 क्षेत्र में आवास बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एकदिवसीय सामूहिक भूख हड़ताल का आयोजन किया गया। इस आंदोलन में मुख्य रूप से बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के सेवानिवृत्त कर्मी शामिल हुए, जिनकी उम्र लगभग 70 से 80 वर्ष के बीच बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बोकारो स्टील प्रबंधन द्वारा उनके आवासों को क्षतिग्रस्त घोषित कर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जो अन्यायपूर्ण है।

डैमेज घोषित आवासों को खाली कराने पर नाराजगी

Bokaro प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि सेक्टर-12 में स्थित कई आवासों को प्रबंधन ने डैमेज घोषित कर दिया है और वहां रहने वाले लोगों को घर खाली करने का नोटिस जारी किया गया है। समिति के सदस्यों का आरोप है कि यह निर्णय एकतरफा और भेदभावपूर्ण है।

उनका कहना है कि अन्य सेक्टरों में मरम्मत कार्य पूरा कर लिया गया है, लेकिन सेक्टर-12 में आवश्यक रिपेयरिंग नहीं कराई गई। इसके बजाय यहां के निवासियों को हटाने की तैयारी की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने इसे सुनियोजित साजिश करार देते हुए कहा कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक बेदखल किए जाने का विरोध करेंगे।

वरिष्ठ नागरिकों का भावुक प्रदर्शन

Bokaro भूख हड़ताल में शामिल अधिकतर लोग बुजुर्ग हैं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन बीएसएल में सेवा देते हुए बिताया। उनका कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद यही आवास उनका सहारा है।

समिति के सदस्य जमुना राम ने कहा कि वे किसी भी स्थिति में अपने घर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उनका आरोप है कि प्रबंधन द्वारा उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है और उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है।

प्रबंधन से वार्ता की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

Bokaro आवास बचाओ संघर्ष समिति ने प्रबंधन से वार्ता कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि बिना उचित वैकल्पिक व्यवस्था और मरम्मत कार्य के उन्हें घर खाली करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की नाराजगी स्पष्ट दिखाई दे रही है। अब देखना होगा कि प्रबंधन और समिति के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेता है।

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