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Report by: Sanjeev Kumar

Bokaro : औद्योगिक नगरी बोकारो में साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है। हाल ही में जारी आधिकारिक आंकड़ों ने शहर में डिजिटल सुरक्षा की पोल खोल दी है। वर्ष 2024 और 2025 के दौरान जिले में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि पुलिस ने कुछ राशि को फ्रीज (Hold) करने और बरामद करने में सफलता पाई है, लेकिन अपराधियों की गिरफ़्तारी और संसाधनों की कमी अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

ठगी का बढ़ता आंकड़ा: 2024 और 2025 के चौंकाने वाले तथ्य

Bokaro सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में साइबर थाना बोकारो में कुल 28 प्राथमिकियां दर्ज की गईं। इन मामलों में अपराधियों ने मासूम नागरिकों की जेब से 2 करोड़ 84 हजार 890 रुपये पर हाथ साफ किया। पुलिस केवल 4 लाख 75 हजार 552 रुपये ही बैंकों के माध्यम से होल्ड करा सकी, और इस पूरे वर्ष में एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई।

वर्ष 2025 में स्थिति में थोड़ा बदलाव देखा गया। इस साल 29 मामले दर्ज हुए और ठगी की कुल राशि 1 करोड़ 61 लाख 10 हजार 497 रुपये रही। पुलिस की सक्रियता के कारण इस बार 26 लाख 76 हजार 897 रुपये होल्ड कराए गए और 3 लाख 37 हजार से अधिक की राशि पीड़ितों को वापस मिली। साथ ही, 3 आरोपियों को जेल भेजा गया और करीब 14 लाख रुपये बरामद किए गए।

संसाधनों की किल्लत और पुलिस की चुनौतियां

Bokaro के एसपी हरविंदर सिंह ने वर्तमान साइबर अनुसंधान की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया है। उनका मानना है कि साइबर अपराध के बदलते तरीकों को देखते हुए ‘विशेष अनुसंधान’ और तकनीकी दक्षता की सख्त जरूरत है।

अंदरूनी सूत्रों की मानें तो साइबर थाने में आधुनिक संसाधनों और तकनीकी उपकरणों की भारी कमी है। बिना एडवांस सॉफ्टवेयर और विशेषज्ञों के, इंटरनेट के अंधेरे संसार में छिपे अपराधियों तक पहुँचना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि जब तक पुलिस का तकनीकी पक्ष मजबूत नहीं होगा, तब तक अपराधियों पर नकेल कसना और जनता का विश्वास जीतना मुश्किल है।

वर्ष 2026 की शुरुआत और बचाव के उपाय

Bokaro नए साल 2026 की शुरुआत भी राहत भरी नहीं रही है। मार्च के शुरुआती हफ्तों तक ही 6 नए मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जो दर्शाते हैं कि साइबर अपराधी अब भी सक्रिय हैं।

साइबर थाना पुलिस ने आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है:

  • किसी भी संदिग्ध कॉल या अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • केवाईसी (KYC) अपडेट या लॉटरी के नाम पर ओटीपी (OTP) साझा न करें।
  • ठगी होने के गोल्डन ऑवर (पहले एक घंटे) के भीतर नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

बोकारो में साइबर अपराध एक गंभीर समस्या बन चुका है। पुलिस की कोशिशों के बावजूद करोड़ों रुपये का नुकसान चिंताजनक है। सरकार को जल्द ही साइबर थाने को आधुनिक संसाधनों से लैस करना होगा ताकि अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाया जा सके।

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