By: Ravindra Sikarwar
ग्वालियर शहर के माधौगंज थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हेमसिंह की परेड इलाके में शनिवार को एक युवक का शव रहस्यमयी हालात में मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान सोनू के रूप में हुई है, जो पिछले तीन दिनों से लापता था। स्थानीय लोगों की नजर जब बाउंड्रीवॉल के पास पड़े शव पर पड़ी, तो उन्होंने फौरन पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और मर्ग कायम कर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह घटना ग्वालियर जैसे शांतिप्रिय शहर में अपराध की बढ़ती प्रवृत्ति की ओर इशारा करती है। हेमसिंह की परेड इलाका शहर का व्यस्त हिस्सा है, जहां आमतौर पर लोगों की आवाजाही रहती है। फिर भी, ऐसे संदिग्ध हालात में शव मिलना कई सवाल खड़े करता है। क्या यह हत्या का मामला है? या फिर कोई दुर्घटना? या फिर आत्महत्या की कोई वजह? ये सभी सवाल अभी अनुत्तरित हैं, और पुलिस की टीम इनका पता लगाने में जुटी हुई है।
सोनू की उम्र करीब 25-30 वर्ष बताई जा रही है। वह स्थानीय निवासी था और परिवार के साथ रहता था। परिजनों के अनुसार, वह तीन दिन पहले घर से निकला था और उसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल रहा था। परिवार वाले चिंतित होकर उसकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह तलाश एक दुखद अंत पर जाकर खत्म होगी। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां-बाप, भाई-बहन सभी सदमे में हैं। आस-पास के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
पुलिस ने बताया कि शव पर कोई बाहरी चोट के निशान स्पष्ट नहीं दिख रहे, लेकिन परिस्थितियां संदिग्ध जरूर हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जहां से मौत की असली वजह का पता चलेगा। माधौगंज थाने के प्रभारी ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है। आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, गवाहों से पूछताछ हो रही है और सोनू के अंतिम समय का पता लगाया जा रहा है। अगर कोई हत्या का शक हुआ तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
ऐसी घटनाएं समाज में सुरक्षा की कमी को उजागर करती हैं। ग्वालियर में पिछले कुछ समय से अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें लापता व्यक्तियों के मामले भी शामिल हैं। लोग रात में अकेले निकलने से डरने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। हेमसिंह की परेड जैसे क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट्स और निगरानी कैमरे लगवाने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। तीन दिन से लापता युवक की तलाश में क्या पुलिस ने कोई सक्रिय कदम उठाया था? अगर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई होती, तो शायद यह हादसा टल जाता। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत के राज से पर्दा उठाएगी। अगर यह हत्या साबित हुई, तो अपराधियों को जल्द पकड़ना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए।
ग्वालियर पुलिस अधीक्षक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित करने के आदेश दिए हैं। शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही सच सामने आएगा और दोषियों को सजा मिलेगी। सोनू की मौत ने उसके परिवार को तोड़ दिया है, लेकिन यह घटना पूरे समाज के लिए एक सबक है कि सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना कितना जरूरी है।
यह दुखद घटना हमें याद दिलाती है कि जीवन अनमोल है और अपराध के खिलाफ एकजुट होना जरूरी है। परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उम्मीद है कि पुलिस जल्द न्याय दिलाएगी।
