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By: Ravindra Sikarwar

ग्वालियर में एक पुरानी रंजिश ने सड़क पर खतरनाक रूप धारण कर लिया, जब तीन बदमाशों ने एक युवक पर लात-घूसों और डंडों से बेरहमी से हमला किया। यह दिल दहला देने वाली वारदात न सिर्फ स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना रही है, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए उसके वीडियो ने पुलिस की चौकसी बढ़ा दी है। अब पुलिस ने पीड़ित की शिकायत और वीडियो के सहारे तीनों आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश तेज़ कर दी है।

यह घटना शहर के भीड़-भाड़ वाले इलाके में उस समय घटित हुई, जब पीड़ित युवक सड़क पर चल रहा था। गवाहों के अनुसार, तीनों हमलावरों ने अचानक सामने आकर उस पर हमला कर दिया। उन्होंने न केवल हाथ-पैर से हमला किया, बल्कि डंडों का भी इस्तेमाल किया। हमले का मज़बूत वीडियो स्थानीय लोगों ने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर सोशल नेटवर्क पर साझा किया, जिसे देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। लात-घूसों की आवाज़, युवक के दर्द से चिल्लाने की ख़बर स्थानीय निवासियों तक पहुंची, और कुछ देर में आसपास की सड़क भी खून-ख़राबे का दृश्य बन गई।

पीड़ित की हालत गंभीर थी, और उस पर किए गए हमले ने साफ़ संकेत दिया कि यह सिर्फ एक आकस्मिक झगड़ा न था, बल्कि पुरानी रंजिश की परिणति थी। स्थानीय पुलिस थाने में युवक ने तहरीर दी और आरोप लगाया कि ये तीनों हमलावर पहले से उसके साथ दुश्मनी रखते थे। उसने बताया कि समय-समय पर छोटी-मोटी लड़ाइयाँ होती रही थीं, लेकिन इस बार मारपीट और हिंसा का स्तर बहुत बढ़ गया है।

पुलिस ने इसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया। थाने के एएसआई और अन्य वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे, गवाहों से बयान लिए और चैनलों पर वायरल हो रहे वीडियो की भी पड़ताल की। वीडियो की समीक्षा में पुलिस को यह दिखा कि हमलावरों ने स्पष्ट रूप से डंडों का इस्तेमाल किया है — न कि सिर्फ गाली-गलौच या धक्का-मुक्की — जो कि मामला गंभीर और संगठित हिंसा का प्रतीक बताता है। इसी आधार पर उन्होंने तीन आरोपियों की पहचान करने के लिए छानबीन शुरू की है।

स्थानीय पुलिस कप्तान ने मीडिया को बताया कि अब तक तीन संदिग्धों की पहचान की गई है। इन हमलावरों की शिनाख्त में कैमरे, मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग और स्थानीय गवाहों की मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि पुराने झगड़े की गहराई और पीड़ित व आरोपियों के बीच तनाव के कारण इस हिंसक टकराव तक पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि ये प्रकरण सामूहिक हमले की श्रेणी में आता है, इसलिए इसे बहुत गंभीरता से देखा जा रहा है।

पीड़ित युवक फिलहाल अस्पताल में है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारी उसके इलाज की व्यवस्था में जुटे हुए हैं। अपराध शाखा का दल पीड़ित के बयान के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि यह हमला अचानक हुआ या पूर्व नियोजित था। इसके साथ ही पुलिस यह भी देख रही है कि अन्य खालिस्तानी या स्थानीय गिरोह मामलों में उसकी भागीदारी तो नहीं रही, ताकि पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके।

स्थानीय निवासियों में भय का वातावरण है, क्योंकि यह हिंसा सार्वजनिक सड़क पर हुई और किसी घटना के पूर्व संकेत भी सामने नहीं आए। पड़ोसियों का कहना है कि अगर पुलिस ने समय रहते चिंता नहीं दिखाई, तो ऐसी वारदातें बढ़ सकती हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मामले की गहन जांच हो और आरोपी जल्द गिरफ्तार किए जाएं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की हिंसा पर अंकुश लगाया जा सके।

ग्वालियर पुलिस ने सभी हाथों को सक्रिय कर दिया है — सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया क्लिप, गवाहों के बयान और मोबाइल डेटा को मिलाकर जांच को गति दी जा रही है। वहीं, प्रशासन ने यह संदेश भी दिया है कि कानून अपराधियों के खिलाफ कड़ा होगा और किसी के भी हाथ राज्य की व्यवस्था को चुनौती देने की हिम्मत नहीं करेंगें। इस केस की अगली प्रतिक्रिया, गिरफ्तारी और अदालत में कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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