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By: Yogendra Singh

Bijapur : जिला बस्तर में तैनात एसटीएफ टीम ने 25 फरवरी 2026 को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान मानवता की एक प्रेरक मिसाल पेश की। टीम कमांडर ओम प्रकाश सेन के नेतृत्व में सर्चिंग के दौरान ग्राम पुरंगेल में उनका सामना एक महिला से हुआ। महिला लगभग 10–15 दिन पहले आग तापते समय दुर्घटनावश आग में गिर गई थी और उसकी कमर से ऊपर का हिस्सा गंभीर रूप से झुलस चुका था। उचित इलाज न मिलने के कारण उसकी स्थिति बेहद चिंताजनक थी।

तत्परता और मानवता का परिचय

Bijapur महिला की गंभीर स्थिति को देखकर एसटीएफ टीम ने तुरंत कार्रवाई की। जवानों ने परिवार को राशन और आर्थिक सहायता प्रदान की और महिला को चारपाई पर लिटाकर दुर्गम रास्तों से सुरक्षित हिरोली गांव तक पहुँचाया। वहाँ पहले से तैयार एम्बुलेंस के माध्यम से महिला को किरंदुल अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल, दंतेवाड़ा के लिए रेफर किया गया। इस पूरे अभियान में टीम की तत्परता और संवेदनशीलता को स्थानीय लोग भी सराहते नजर आए।

विशेषज्ञों द्वारा उपचार

Bijapur जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला की स्थिति का विवरण लिया और लगभग 40–50 प्रतिशत जलन की पुष्टि की। देर से उपचार और जले हुए स्थानों में संक्रमण की संभावना के मद्देनजर एसटीएफ टीम ने अस्पताल प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया। इसके अलावा, महिला के तीन महीने के मासूम बच्चे का भी उचित इलाज सुनिश्चित किया गया।

पुलिस और प्रशासन की सराहना

Bijapur त्रिलोक बंसल ने एसटीएफ टीम की बहादुरी और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जवानों ने साहस और मानवीय दृष्टिकोण का अद्वितीय उदाहरण पेश किया। कमांडर ओम प्रकाश सेन और उनकी टीम की तत्परता और कार्यकुशलता काबिले तारीफ है। इस घटना ने साबित कर दिया कि मानवता के लिए सही समय पर की गई मदद किसी भी कठिन परिस्थिति में जीवन बचा सकती है।

इस तरह, बीजापुर की एसटीएफ टीम ने न केवल एक गंभीर रूप से घायल महिला को बचाया बल्कि मानवता और साहस का जीवंत उदाहरण भी पेश किया।

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