by-Ravindra Sikarwar
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। शनिवार को राज्यभर में चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंच गया है। 122 सीटों पर होने वाले इस चरण के मतदान के लिए सभी प्रमुख दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। इसे राजनीतिक हलकों में ‘सुपर शनिवार’ कहा जा रहा है, क्योंकि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा, आरजेडी के तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई बड़े नेता अलग-अलग जिलों में रैलियां और जनसभाएं करने जा रहे हैं।
दूसरे चरण में 122 सीटों पर मुकाबला:
बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से दूसरे चरण में 122 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इनमें से कई सीटें अत्यंत संवेदनशील और मुकाबले वाली मानी जा रही हैं। इस चरण में मतदान आगामी सप्ताह के मध्य में होगा, जिसके लिए प्रशासनिक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती, मतदाताओं की सुविधा और पोलिंग बूथों पर निगरानी के इंतजाम किए जा रहे हैं।
पहले चरण में हुआ रिकॉर्ड मतदान:
पहले चरण में 65.08% मतदान दर्ज किया गया, जो 2020 के विधानसभा चुनाव की तुलना में अधिक है। चुनाव आयोग के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी इस बार उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ा हुआ मतदान प्रतिशत चुनावी परिणामों को अप्रत्याशित दिशा में मोड़ सकता है।
प्रमुख दलों की रणनीति:
- भाजपा–जदयू गठबंधन विकास और स्थिर सरकार के मुद्दे पर वोट मांग रहा है।
- राजद–कांग्रेस–वाम गठबंधन (महागठबंधन) बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ दल को घेरने में जुटा है।
- वहीं, छोटे दल जैसे एलजेपी (रामविलास) और वीआईपी पार्टी भी सीमित क्षेत्रों में असर डालने की कोशिश कर रहे हैं।
नेताओं के आज के कार्यक्रम:
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सासाराम, बक्सर और पूर्णिया में रैलियों को संबोधित करेंगे।
- गृह मंत्री अमित शाह भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में जनसभाएं करेंगे।
- प्रियंका गांधी वाड्रा पटना और आरा में रोड शो और महिला सम्मेलन में शामिल होंगी।
- तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार भी दिनभर अलग-अलग इलाकों में प्रचार अभियान चलाएंगे।
चुनावी माहौल गर्म:
दूसरे चरण के प्रचार के अंतिम दिनों में सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। रैलियों में भीड़ का रुझान देखकर सभी दल अपने-अपने जीत के दावे कर रहे हैं।
राज्य के मतदाता अब यह तय करने की तैयारी में हैं कि बिहार की कमान किसके हाथ में जाएगी।
