By: Ravindra Sikarwar
उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए आने वाला वर्ष रोजगार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वर्ष 2026 में बड़े पैमाने पर सरकारी भर्तियां करने का निर्णय लिया है। उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकों के बाद सरकार ने प्रदेश के विभिन्न विभागों में करीब डेढ़ लाख रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति दे दी है। इस फैसले को नए साल में युवाओं के लिए एक बड़े तोहफे के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में सभी प्रमुख विभागों से खाली पदों का विस्तृत ब्योरा मांगा था। विभागवार समीक्षा के बाद यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस, शिक्षा, राजस्व, आवास विकास, स्वास्थ्य और अन्य कई विभागों में बड़ी संख्या में पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन्हीं रिक्तियों को भरने के लिए सरकार ने वर्ष 2026 में चरणबद्ध तरीके से डेढ़ लाख भर्तियां करने का निर्णय लिया है। सरकार का उद्देश्य न केवल बेरोजगारी की समस्या को कम करना है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था को भी और अधिक मजबूत बनाना है।
योगी सरकार का दावा है कि पिछले साढ़े आठ वर्षों में प्रदेश में सरकारी भर्तियों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। इस अवधि में विभिन्न विभागों में 8.5 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। खास बात यह है कि इन सभी भर्तियों को पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित प्रक्रिया के तहत पूरा किया गया। सरकार का कहना है कि पहले की सरकारों के दौर में भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठते रहते थे, लेकिन अब तकनीक और सख्त निगरानी के जरिए इन खामियों को दूर किया गया है। इसी कारण प्रदेश के युवाओं का भरोसा सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया पर लगातार मजबूत हुआ है।
वर्ष 2026 में होने वाली भर्तियों में सबसे अधिक संख्या पुलिस और शिक्षा विभाग की रहने वाली है। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों विभागों में करीब 50-50 हजार पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। शिक्षा विभाग में शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की भर्ती से जहां स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं पुलिस विभाग में नई भर्तियों से कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
इसके अलावा राजस्व विभाग में लगभग 20 हजार पदों पर भर्ती की योजना है। वहीं कारागार विभाग, आवास विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में भी हजारों रिक्त पदों को भरा जाएगा। कुछ विभागों में भर्ती प्रक्रिया पहले ही प्रारंभ हो चुकी है, जबकि शेष विभागों में जल्द ही विज्ञापन जारी किए जाने की तैयारी अंतिम चरण में है। सरकार का लक्ष्य है कि भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि युवाओं को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
पुलिस विभाग की बात करें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वर्ष 2026 में करीब 50 हजार पदों पर भर्ती का खाका तैयार किया गया है। इसमें लगभग 30 हजार आरक्षी और करीब 5 हजार सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं, जबकि शेष पद अन्य श्रेणियों में होंगे। इससे पहले भी योगी सरकार के कार्यकाल में पुलिस विभाग में करीब 2.19 लाख पदों पर भर्तियां की जा चुकी हैं। सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में नई भर्तियों से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था भी और मजबूत होगी।
योगी सरकार बार-बार यह दोहरा रही है कि रोजगार सृजन उसकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से अवसर मिलते हैं, तो वे राज्य और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि सरकार भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
कुल मिलाकर, वर्ष 2026 उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसरों और नई उम्मीदों का साल साबित हो सकता है। डेढ़ लाख सरकारी नौकरियों की घोषणा न केवल रोजगार के क्षेत्र में बड़ा कदम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है।
